क्षेत्रीय
30-Nov-2025
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- ऊर्जाधानी भू-विस्थापित संगठन ने दी आंदोलन की चेतावनी कोरबा (ईएमएस) कोरबा-पश्चिम एसईसीएल-गेवरा क्षेत्र द्वारा वर्ष 2010 में पाली विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम अमगांव का अर्जन किया गया था और 2025 में ग्राम को राज्य शासन के अनुमोदन पश्चात कलेक्टर के आदेशानुसार विलोपित कर दिया गया है, जिसके कारण ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान नही होने से लोग परेशान हैं। ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति ने अनुविभागीय अधिकारी पाली, सीएमडी और महाप्रबंधक को ज्ञापन देकर तत्काल कार्यवाही की मांग करी हैं। समिति के अध्यक्ष सपुरन कुलदीप ने प्रबंधन और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि गांव का विस्थापन से पूर्व समस्याओं का समाधान पूर्ण रूप से कर लिया जाना चाहिए पर जब गांव को ही विलोपित किया गया है तब भी रोजगार, पुनर्वास और मुआवजा जैसी बुनियादी मांगो के लिए लोंगो को भटकाया जा रहा है। पुनर्वास स्थल में भी समस्याएं व्याप्त है, जिसे दूर नही किया जा सका है, अब समिति लोंगो के साथ आंदोलन की राह पर है। सौपे गए ज्ञापन पर सकारात्मक कार्यवाही नही हुई और समस्याओं के प्रति गंभीरता नही दिखायी गयी तो जल्द ही आक्रामक आंदोलन खड़ा किया जाएगा। ग्रामीणों द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार 235 लोंगो को जमीन, मकान व अन्य परिसम्पतियों का मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गया है। छोटी-छोटी दस्तावेजों की कमी अथवा अन्य कारणों से भू-विस्थापित परिवारों को अपने मुआवजा के लिए भटकना पड़ रहा है। मांग है कि एसईसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन तत्काल कार्यवाही पूर्ण करे और लंबित मुआवजा प्रदान किया जाये। जानकारी के अनुसार ग्राम अमगांव के भू-विस्थापित होने वाले परिवारों के अनेक लोंगो को नियमानुसार पुनर्वास प्रदान नहीं किया गया है और कुछ लोंगो को अपात्र बताया जा रहा है, जिस पर जिला प्रशासन को हस्तक्षेप कर पुनर्वास प्रदान कराने हेतु उचित कार्यवाही करने की आवश्यकता है। अत: शेष बचे उन सभी भू-विस्थापित परिवारों को जिनका अभी तक पुनर्वास नहीं हुआ है, उन्हें बतारी (नेहरू नगर) में तत्काल और समुचित बसाहट/पुनर्वास प्रदान किया जाए तथा बसाहट स्थल में समुचित विकास कार्य पूर्ण कराया जाये।