- सरकार का तर्क: शराब दुकान इंडस्ट्रियल एरिया में खोली गई - सुप्रीम कोर्ट गाइड लाइन के संदर्भ सहित दायर जनहित याचिका पर सुनवाई इन्दौर (ईएमएस) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सर्राफ की युगल पीठ ने इंदौर-उज्जैन स्टेट हाईवे पर मॉडर्न चौराहे के पास खुली शराब दुकान को लेकर सरकार से पूछा है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के खिलाफ हाईवे किनारे शराब दुकान कैसे खोली गई। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, आबकारी विभाग और अन्य को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। इंडस्ट्रियल एरिया में खुली इस दुकान के विरोध में सांवेर रोड औद्योगिक संगठन के सचिव अशोक दांगी की ओर से अभिभाषक विकास जैन ने जनहित याचिका दायर की थी। जिस पर सुनवाई दौरान उनकी ओर से कोर्ट में तर्क दिए गए कि यह शराब दुकान इंडस्ट्रियल एरिया में खोली गई है, जबकि यह जमीन औद्योगिक गतिविधियों के लिए निर्धारित है। दुकान खुलने के बाद इलाके में विवाद और महिलाओं से दुर्व्यवहार बढ़ गए हैं। कंपनियों और कारखानों के कर्मचारी शराब पीकर नौकरी पर पहुंच रहे हैं। इससे औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा पर असर पड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश है कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के 500 मीटर के दायरे में शराब दुकान नहीं खोली जा सकती। इसके बावजूद इंदौर-उज्जैन स्टेट हाईवे पर शराब दुकान संचालित की जा रही है। सुनवाई दौरान एडवोकेट जैन ने कोर्ट को यह भी बताया कि उद्योग विभाग ने भी इस शराब दुकान के संबंध में आबकारी आयुक्त को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है। इसके बावजूद बावजूद दुकान का संचालन जारी है। वहीं सरकारी वकील ने याचिका पर आपत्ति लेते कहा कि याचिका दायर करने वाला संगठन अधिकृत नहीं है। जिसे हाईकोर्ट ने यह कह नजरअंदाज कर दिया कि मामला सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के पालन उल्लंघन का है।