- 1 दिसंबर को वाहन बिक्री और आईआईपी के आंकड़े जारी होंगे, जो बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण होंगे मुंबई (ईएमएस)। इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजारों की दिशा बड़े पैमाने पर घरेलू और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगी। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले आंकड़े और केंद्रीय बैंक की नीतिगत घोषणाएं निवेशकों के रुख को प्रभावित करेंगी। 1 दिसंबर को नवंबर 2025 की वाहन बिक्री के आंकड़े जारी होंगे, जो त्योहारों के मौसम में उपभोग और ग्रामीण व शहरी मांग के रुझान का संकेत देंगे। इसके अलावा अक्टूबर 2025 का औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) डेटा भी इसी महीने एक दिसंबर को आएगा। एचएसबीसी विनिर्माण और पीएमआई आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। बाजार के विशेषज्ञों ने कहा कि इस सप्ताह आने वाले आर्थिक आंकड़े बाजार में उतार-चढ़ाव का कारण बन सकते हैं। वाहन बिक्री, विनिर्माण और पीएमआई आंकड़े घरेलू निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेतक होंगे। वहीं 5 दिसंबर को आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रम होगी। बैंक की महंगाई और विकास पर टिप्पणी बाजार की दिशा तय करेगी। जुलाई-सितंबर तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर से बढ़ी है, जो पिछले छह तिमाहियों में सबसे तेज है। यह तेजी जीएसटी में कटौती से पहले उत्पादन में वृद्धि और अमेरिकी भारी शुल्क के प्रभाव को कम करने के प्रयासों का परिणाम है। एक बाजार के वरिष्ठ तकनीकी विश्लेषक ने कहा कि वाहन बिक्री के आंकड़े त्योहारों के मौसम की मांग और उपभोक्ता रुझान का अहम संकेत देंगे। वहीं बाजार के अन्य विशेषज्ञों ने कहा कि बाजार के उच्च स्तर पर बने रहने के लिए घरेलू और वैश्विक संकेतक निर्णायक होंगे। बीते सप्ताह सेंसेक्स 474.75 अंक और निफ्टी 134.8 अंक बढ़कर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। सेंसेक्स 86,055.86 और निफ्टी 26,310.45 अंक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले आर्थिक आंकड़े और आरबीआई का मौद्रिक निर्णय निवेशकों के लिए निर्णायक संकेत होंगे, जिससे यह तय होगा कि बाजार अपनी तेज़ी को बनाए रख पाएगा या नहीं। सतीश मोरे/30नवंबर ---