30-Nov-2025
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-उपमुख्यमंत्री ने कार्रवाई को बताया प्रतिशोधी, अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की जम्मू,(ईएमएस)। जम्मू और कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने एलजी मनोज सिन्हा से जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) द्वारा पत्रकार अरफज डैंग के पिता का घर गिराए जाने की घटना की जांच का आदेश देने का आग्रह किया है। चौधरी ने इस कार्रवाई को चुनिंदा और प्रतिशोधी बताते हुए इसमें शामिल अधिकारियों को निलंबित करने की भी मांग की है। पत्रकार के परिवार से मिलने के बाद चौधरी ने सवाल उठाया कि इस विध्वंस के लिए कौन जिम्मेदार है, जबकि निर्वाचित सरकार ने इसका आदेश नहीं दिया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सुरिंदर चौधरी ने एलजी सिन्हा को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस, जिसने विध्वंस के लिए समर्थन दिया, वह आपकी थी। जेडीए के उपाध्यक्ष आपके द्वारा नियुक्त किए गए हैं। अगर आप कहते हैं कि यह विध्वंस आपके आदेश पर नहीं किया गया, तो इन अधिकारियों ने एलजी या सीएम से पूछे बिना इसे करने की हिम्मत कैसे की? उन्होंने कहा कि हम निर्वाचित सरकार खुले तौर पर कह रहे हैं कि हमने इसका आदेश नहीं दिया। उपमुख्यमंत्री कह रहे हैं कि यह जम्मू-कश्मीर सरकार की मंजूरी से नहीं किया गया है। उपमुख्यमंत्री ने मांग की कि एलजी विध्वंस की जांच का आदेश दें और पता लगाएं कि यह किसके आदेश पर किया गया। उन्होंने जेडीए उपाध्यक्ष से जवाब मांगा कि विध्वंस का आदेश किसने दिया और कहा कि सीएम उमर की सहमति के बिना यह कार्रवाई करने वाले अधिकारियों पर जवाबदेही तय की जाएगी। चौधरी ने वरिष्ठ बीजेपी नेता रविंदर रैना के दावे का जिक्र किया जिसमें उन्होंने एलजी से बात करने के बाद विध्वंस आदेश जारी करने से इनकार कर दिया था। चौधरी ने सच्चाई जानने के लिए बीजेपी नेता के मोबाइल फोन के कॉल डेटा रिकॉर्ड को प्राप्त करने की मांग की। बता दें जेडीए ने गुरुवार को ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में एक अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान 72 साल के गुलाम कादिर डैंग के घर को ध्वस्त कर दिया था। स्थानीय लोगों ने दावा किया था कि वे पिछले चार दशकों से वहां रह रहे थे और उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी। चौधरी ने कहा कि निर्वाचित सरकार न तो कमजोर है और न ही असहाय और वह पत्रकारों या गरीबों को निशाना बनाने वाले चुनिंदा या प्रतिशोधी उपायों की अनुमति नहीं देगी। उन्होंने बताया कि वह सीएम के निर्देश पर आए थे ताकि लोगों को यह बता सकें कि हमारी सरकार कभी भी सस्ते या बदले की रणनीति नहीं अपनाएगी। उन्होंने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया को दबाने की कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा, अगर कोई सोचता है कि वे जम्मू-कश्मीर को उत्पीड़न और दमन से चला सकते हैं, तो यह लंबे समय तक नहीं चलेगा। सिराज/ईएमएस 30नवंबर25