राष्ट्रीय
30-Nov-2025


जयपुर,(ईएमएस)। राजस्थान शिक्षा विभाग ने हाल ही में 6 दिसंबर को ‘शौर्य दिवस’ मनाने का आदेश जारी किया था, जो बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के दिन के रूप में निर्धारित किया गया था। इस विवादास्पद आदेश पर कोई प्रतिक्रिया हो पाती उससे पहले ही इसे रद्द कर दिया गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस आदेश के तहत सभी सरकारी और निजी स्कूलों को छात्रों और शिक्षकों के बीच देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कहा गया था। इसमें राम मंदिर आंदोलन और भारतीय संस्कृति पर आधारित निबंध, भाषण, चित्रकला, पोस्टर बनाने की प्रतियोगिताएं, देशभक्ति गीत, लोक नृत्य, योग और नाट्य कार्यक्रम शामिल थे। आदेश शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर के निर्देश पर जारी किया गया था, लेकिन इसे जारी होने के 12 घंटे के भीतर रद्द कर दिया गया। मंत्री ने रद्द करने का कारण बताया कि 5 और 6 दिसंबर को स्कूलों में परीक्षाएं आयोजित हैं, जिसके चलते कोई अन्य गतिविधि या कार्यक्रम संभव नहीं है। इसके कारण ‘शौर्य दिवस’ के कार्यक्रम स्थगित कर दिए गए। मदन दिलावर ने आदेश पर सफाई देते हुए कहा कि राम जन्मभूमि आंदोलन और भारतीय संस्कृति से संबंधित जानकारी छात्रों में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित करने में सहायक होती। उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से भाषण, निबंध, चित्रकला और पोस्टर प्रतियोगिताएं आयोजित करने का प्रस्ताव था। मदन दिलावर इससे पहले भी कई विवादास्पद आदेश और बयान दे चुके हैं। उन्होंने मदरसों समेत सभी स्कूलों में ‘वंदे मातरम’ गाना अनिवार्य करने का आदेश दिया था, जिसे अल्पसंख्यक समूहों ने आलोचना की थी। इसके अलावा, उन्होंने कई बार मुगल शासक अकबर को ‘अत्याचारी’ बताकर पिछली कांग्रेस सरकार पर इतिहास में अकबर का महिमामंडन करने का आरोप लगाया। हाल ही में उन्होंने सरकारी स्कूल परिसरों में बने अवैध अतिक्रमणों और धार्मिक स्थलों को हटाने का आदेश भी जारी किया था, और ऐसा न करने पर संबंधित हेडमास्टर या प्रिंसिपल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। हिदायत/ईएमएस 30नवंबर25