क्षेत्रीय
30-Nov-2025


दमोह (ईएमएस)। दमोह जनपद पंचायत जो कि हमेशा अपने भ्रष्टाचार को लेकर हमेशा चर्चा में बनी रहती है यहां पदस्थ सीईओ हलधर मिश्रा के द्वारा जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है और जनपद पंचायत दमोह में पदस्थ कर्मचारी अपनी मनमानी करने पर उतारू है ज्ञात हो कि दमोह जनपद पंचायत हमेशा भ्रष्टाचार को लेकर सुर्खियों में बनी रहती है यहां पर सरपंच सचिव रोजगार सहायक और उप यंत्री से मोटा कमीशन लेकर दमोह जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली समस्त ग्राम पंचायत में गुणवत्ता विहीन आधे अधूरे कार्य किए जाते हैं और कभी कोई आमजन या पत्रकार ग्राम पंचायत में हुए बड़े-बड़े भ्रष्टाचार की जांच कराने के लिए आवेदन देता है तो सीईओ हलधर मिश्रा के द्वारा किसी भी ग्राम पंचायत की जांच नहीं कराई जाती और सरपंचों से मोटा कमीशन लेकर उसके आवेदन को डस्टबिन में डाल दिया जाता है जबलपुर एक्सप्रेस दमोह से अरुण मिश्रा के द्वारा अनेक ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की जांच करने को लेकर अनेक आवेदन जनपद पंचायत दमोह में दिए गए लेकिन विगत 3 वर्षों में एक भी आवेदन पर जनपद पंचायत सीईओ हलधर मिश्रा ने कोई भी कार्यवाही नहीं की है इनको सत्ताधारी पार्टी के कुछ राजनेताओं का संरक्षण प्राप्त है जिसके चलते इनके द्वारा विभाग में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है हमारे द्वारा अनेक बार दमोह जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार को लेकर समाचार का प्रकाशन किया गया और जनपद पंचायत दमोह में ग्राम पंचायतों में हुए भ्रष्टाचार की जांच करने को लेकर अनेक आवेदन दिए गए लेकिन भ्रष्टाचार में लिप्त सीईओ हलधर मिश्रा ने किसी भी ग्राम पंचायत पर ना तो कोई कार्यवाही की और ना ही आज दिनांक तक एक भी ग्राम पंचायत की जांच इनके द्वारा कराई गई है इनके द्वारा दलाल ओर चाटुकार लोगों कों महत्व दिया जाता ज्ञात हो कि इस समय जनपद पंचायत दमोह में सीईओ हलधर मिश्रा के कुछ दलाल लगातार सक्रिय हैंज्यादातर समय सीईओ हलधर मिश्रा अपने कार्यालय में उपस्थित नहीं रहते हमारे द्वारा जब सीईओ हलधर मिश्रा से पूछा गया कि आपने आज दिनांक तक हमारे द्वारा दिए गए कितने आवेदन पर जांच कराई है तब सीईओ हलधर मिश्रा का कहना था कि मैं इस बारे में आपसे कोई बात नहीं करना चाहता ज्ञात हो कि दमोह जनपद सीईओ हलधर मिश्रा अपनी कार्यशेली को लेकर हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं इनको जिले के किसी भी अधिकारी का भय नहीं है क्योंकि इनको सत्ताधारी पार्टी के नेताओं का खुला संरक्षण प्राप्त है और उनके द्वारा दमोह जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली समस्त ग्राम पंचायतों में जमकर भ्रष्टाचार करवाया जा रहा है क्योंकि इनको अपने मोटे कमीशन से मतलब है ग्राम पंचायत में कार्य गुणवत्ता विहीन हो या कार्य बिल्कुल ना हो इनको इस बात से कुछ भी लेना-देना नहीं है इनके द्वारा अनेक पत्रकारों के फोन नंबर को ब्लॉक करके रखा गया है इनकी शिकायत हमारे द्वारा अनेक बार जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से की गई लेकिन उनके द्वारा आज दिनांक तक मामले को संज्ञान में नहीं लिया गया जिला पंचायत सीईओ प्रवीण फुल पगारे से जब भी संपर्क करने का प्रयास किया जाता है तब उनके द्वारा हमारे फोन को रिसीव नहीं किया जाता और यदि कार्यालय में कभी मिल भी जाते हैं तब उनके द्वारा कैमरे पर कुछ भी बोलने से मना कर दिया जाता है दमोह जिला पंचायत और दमोह जनपद पंचायत अपने भ्रष्टाचार को लेकर हमेशा सुर्खियों में बनी रहती है यहां पर भ्रष्टाचार की कितनी भी शिकायत करो लेकिन एक भी शिकायत पर इनके द्वारा कार्यवाही नहीं की जाती है इन विभागों में जमकर भ्रष्टाचार का खेल खेला जा रहा है और इसकी शुद लेने वाला ना तो कोई वरिष्ठ अधिकारी है और ना ही कोई जन प्रतिनिधि जो इनके द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार को संज्ञान में लेकर भ्रष्टाचार में लिप्त सीईओ हलधर मिश्रा पर कार्यवाही करें देखना होगा खबर प्रशासन के बाद भ्रष्टाचारी सीईओ हलधर मिश्रा पर कब कार्यवाही या फिर इनके द्वारा ऐसे ही लगा तार भ्रष्टाचार किया जाता रहेगा ईएमएस/मोहने/ 30 नवंबर 2025