राज्य
26-Dec-2025
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अस्वीकृत लोन दस्तावेज से अ हटाकर स्वीकृत कर दिया, 65 लाख की धोखाधड़ी कर डाली - मंडला डिस्ट्रिक्ट को ऑपरेटिव बैंक और स्मॉल सेविंग्स क्रेडिट कमेटी अधिकारियो ने की धोखाधड़ी - ईओडब्ल्यू ने तत्कालीन जीएम, मैनेजर, स्थापना प्रभारी और एकाउंटेट के खिलाफ दर्ज की एफआईआर भोपाल/मंडला (ईएमएस)। डिस्ट्रिक्ट को ऑपरेटिव बैंक और स्मॉल सेविंग्स क्रेडिट कमेटी अधिकारियो द्वारा अचंभित करने वाले तरीके से 65 लाख की धोखाधड़ी करने वाले चार पदाधिकारियो के खिलाफ ईओडब्ल्यू ने एफआईआर दर्ज की है। जॉच में सामने आया की शातिर आरोपियो ने बैठक में अस्वीकृत यानि (रिजेक्ट) किये गये ऋण के दस्तावेजों में से शुरु का शब्द अ हटाकर अस्वीकृत को स्वीकृत बना दिया और इस तरह से 65 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर दी गई। - अनुचित लोन अप्रूव करने और वसूली में लापरवाही की मिली थी शिकायते आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार जबलपुर टीम को यह शिकायत मिली थी की अल्प बचत साख सहकारी समिति मर्यादित मण्डला के विरुद्ध अमानतदारों की रकम वापस न किये जाने, अनुचित ऋण स्वीकृति, वसूली में लापरवाही सहित गंभीर वित्तीय अनियमितताए किये जाने की शिकायत मिली थी। - जॉच में उधड़ती गई परतें शिकायत की जाँच करने पर सामने आया की जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित, जिला मण्डला की ऋण उप समिति की बैठक 8 नवंबर 2011 में निर्णय लिया गया कि अल्प बचत साख सहकारी समिति मर्यादित, मण्डला के ऊपर 38 लाख रुपये का ऋण ओवरड्यू (बकाया) है। अतः सर्वसम्मति से प्रकरण को स्वीकृत किया जाता है। और 65 लाख रुपये की अल्प अकृषि ऋण की साख सीमा स्वीकृत की जाती है। इस निर्णय में अस्वीकृत में से अ हटाकर बैठक के पश्चात उसे स्वीकृत किया गया साथ ही अंतिम लाइन ‘‘अतः रुपये 65 लाख रुपये की अल्प अकृषि ऋण की साख सीमा स्वीकृत की जाती है’’। अलग से जोड़ी गई। - सभी आरोपियो की रही हिस्सेदारी छानबीन में पता चला की इस ऋण समिति की बैठक में तत्कालीन महाप्रबंधक, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक, मण्डला, नरेन्द्र कोरी ने जानबूझकर इस बिंदु को छिपाया कि उन्ही के द्वारा बैठक 8 नंवबर 2011 के केवल तीन दिन बाद ही 12 नवंबर 2011 को जीएम, कृषि शाखा मण्डला को 65 लाख रुपये का अल्प अकृषि ऋण, अल्प बचत साख सहकारी समिति मर्यादित मण्डला को स्वीकृत किये जाने के आदेश अपने हस्ताक्षर से पारित किये। और उस रकम को अपने सदस्यों के बीच वितरित कर दिया गया । इस बिंदु की जाँच में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के तत्कालीन महाप्रबंधक नरेन्द्र कोरी, तत्कालीन स्थापना प्रभारी एन.एल. यादव, तत्कालीन लेखापाल व पंजी फील्ड कक्ष प्रभारी अतुल दुबे को पद का दुरुपयोग कर कूटरचना करते हुए बैंक को 65 लाख का नुकसान पहुंचाया जाना साबित पाया गया। - समिति की महिला मैनेजर भी आई राडरा पर जाँच की दिशा आगे बढ़न पर यह भी सामने आया कि वर्तमान में प्रबंधक, अल्प बचत साख सहकारी समिति, मण्डला, शशि चौधरी के कार्यकाल में समिति की उपविधि क्र-13 के अनुसार प्रतिबंधित समिति के गैर सदस्यों से 26 लाख 68 हजार 436 रुपये की रकम अवैधानिक रुप से प्राप्त कर पद का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी की है। - चार सौ बीसी सहित भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारओ में कसा शिकंजा सभी आरोपियों के खिलाफ पद का दुरुपयोग, आपराधिक षड़यंत्र रचते हुए, धोखाधड़, कूटरचना करते हुए बैठक में पास किये गये निर्णय को बदलकर 65 लाख रुपये की अल्प अकृषि ऋण की साख सीमा स्वीकृत कर जिला सहकारी केन्द्रीय मर्यादित मण्डला को नुकसान पहुचांना साबित होने पर नरेन्द्र कोरी, तत्कालीन महाप्रबंधक, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मण्डला, एन.एल. यादव, तत्कालीन स्थापना प्रभारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मण्डला, अतुल दुबे, तत्कालीन लेखापाल व पंजी फील्ड कक्ष प्रभारी, जिला सहकारी बैंक मण्डला और शशि चौधरी, प्रबंधक, अल्प बचत साख सहकारी समिति मण्डला के खिलाफ धारा 409, 420, 467, 468, 471, 120बी एवं 7सी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धाराओ के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जा रही है। जुनेद / 26 दिसंबर