01-Jan-2026
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न्यूयॉर्क (ईएमएस)। अमेरिका के सबसे बड़े और विविधतापूर्ण शहर न्यूयॉर्क ने इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। जोहरान ममदानी ने गुरुवार को न्यूयॉर्क सिटी के मेयर के रूप में शपथ ग्रहण की और ऐसा करने वाले वे शहर के पहले ऐसे मेयर बने जिन्होंने क़ुरान के साथ पद की शपथ ली। वे न केवल न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम मेयर हैं, बल्कि दक्षिण एशियाई मूल के भी पहले व्यक्ति हैं, जिन्होंने इस महानगर की कमान संभाली है। ममदानी का शपथ ग्रहण समारोह प्रतीकात्मक और ऐतिहासिक दोनों रहा। उन्होंने निजी समारोह में अपने दादा की क़ुरान और न्यूयॉर्क पब्लिक लाइब्रेरी (NYPL) से उधार ली गई लगभग 200 साल पुरानी एक ऐतिहासिक क़ुरान के साथ शपथ ली। यह निजी समारोह टाइम्स स्क्वायर के नीचे एक बंद पड़ी सबवे स्टेशन में आयोजित किया गया, जिसने इस अवसर को और भी खास बना दिया। इसके बाद शुक्रवार को न्यूयॉर्क सिटी हॉल में आयोजित सार्वजनिक समारोह में उन्होंने अपने दादा और दादी की क़ुरान की प्रतियों का उपयोग करने की योजना बनाई। जिस ऐतिहासिक क़ुरान का उपयोग ममदानी ने किया, वह कभी प्रसिद्ध अश्वेत इतिहासकार और लेखक आर्टुरो शॉमबर्ग की थी। शॉमबर्ग ने 1926 में अपनी लगभग 4,000 पुस्तकों का संग्रह न्यूयॉर्क पब्लिक लाइब्रेरी को बेचा था, जिससे आगे चलकर ‘शॉमबर्ग सेंटर फॉर रिसर्च इन ब्लैक कल्चर’ की स्थापना हुई। यह क़ुरान 19वीं सदी की मानी जाती है और माना जाता है कि इसका निर्माण उस समय के ओटोमन सीरिया में हुआ था। लाइब्रेरी के अनुसार, इसका छोटा आकार और सादा स्वरूप इसे आम लोगों के दैनिक उपयोग के लिए उपयुक्त बनाता है। न्यूयॉर्क पब्लिक लाइब्रेरी ने ममदानी के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि शॉमबर्ग की क़ुरान का चयन न्यूयॉर्क के इतिहास, समावेशन और नागरिक चेतना का प्रतीक है। लाइब्रेरी के अध्यक्ष और सीईओ एंथनी डब्ल्यू. मार्क्स ने कहा कि यह चयन प्रतिनिधित्व और विविधता की उस कहानी को दर्शाता है, जिस पर न्यूयॉर्क गर्व करता है। गौरतलब है कि न्यूयॉर्क में मेयर के लिए किसी धार्मिक ग्रंथ के साथ शपथ लेना अनिवार्य नहीं है। हालांकि, परंपरागत रूप से कई मेयर बाइबिल का उपयोग करते रहे हैं। पूर्व मेयर माइकल ब्लूमबर्ग और बिल डी ब्लासियो ने भी अपने पारिवारिक या ऐतिहासिक बाइबिल के साथ शपथ ली थी। ममदानी अमेरिका के उन गिने-चुने नेताओं में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने क़ुरान के साथ पद की शपथ ली। जोहरान ममदानी का चुनाव अभियान भी उनकी पहचान और पृष्ठभूमि के इर्द-गिर्द केंद्रित रहा। युगांडा में जन्मे और दक्षिण एशियाई मूल के ममदानी ने न्यूयॉर्क की विविधता को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने 9/11 के बाद अमेरिका में बढ़ी इस्लामोफोबिया पर भी खुलकर बात की और मुस्लिम व अप्रवासी समुदायों के अनुभवों को सामने रखा। हालांकि, उनकी प्रगतिशील राजनीति और फिलिस्तीन के समर्थन को लेकर उन्हें आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा। कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने उन पर तीखे और विवादास्पद आरोप लगाए। इसके बावजूद ममदानी ने साफ कहा कि वे अपनी पहचान, अपने विश्वास और अपने मूल्यों से कभी पीछे नहीं हटेंगे।