राष्ट्रीय
01-Jan-2026


-परिजन का दावा- बेटे को दूषित पीने के पानी से उल्टी और दस्त होने लगे थे इंदौर,(ईएमएस)। देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में फैली जल त्रासदी की सबसे दुखद तस्वीर सामने आई है। यहां 5 माह के मासूम अव्यान की जान जहरीले पानी ने ले ली। जिस मां ने इस सोच के साथ दूध में पानी मिलाया था कि बच्चा उसे आसानी से पचा लेगा, उसे क्या पता था कि नगर निगम के नलों से आने वाला पानी मासूम के लिए जहर बन जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भागीरथपुरा के रहने वाले सुनील साहू ने बताया कि उनके 5 महीने के बेटे अव्यान को कुछ दिन पहले उल्टी और दस्त के लक्षण दिखे और उसे एक बाल रोग विशेषज्ञ दिखाया। सुनील ने बताया कि डॉक्टर की सलाह पर बेटे को घर पर दवाएं दी जा रही थीं। बाजार से दूध खरीदा और उसे पिलाना शुरू कर दिया। चूंकि दूध गाढ़ा था, इसलिए हम उसमें पानी मिलाकर दे रहे थे। सुनील साहू ने दावा किया कि उनके बेटे को दूषित पीने के पानी की वजह से उल्टी और दस्त होने लगे और 29 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। सरकार के अधिकारियों ने बताया कि पिछले एक हफ्ते में भागीरथपुरा में उल्टी और दस्त की बीमारी से 1100 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें से करीब 150 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शुरुआती जांच से पता चला है कि लीकेज के कारण नाले का गंदा पानी पीने के पानी की पाइपलाइन में मिल गया, जिससे भागीरथपुरा में यह बीमारी फैली। रिपोर्ट के मुताबिक भागीरथ पुरा में दूषित पीने के पानी से अब तक कम से कम 7 लोगों की जान जा चुकी है और 1100 से ज्यादा प्रभावित हैं। इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि दूषित पानी पीने से बीमार पड़ने के बाद एक हफ्ते में 9 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें एक छह महीने का बच्चा और छह महिलाएं शामिल हैं। मेयर ने मरने वालों की पहचान नहीं बताई है। सिराज/ईएमएस 01जनवरी26