राष्ट्रीय
01-Jan-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत में महिला कैदियों की संख्या में पिछले दो दशक में 162 फ़ीसदी की वृद्धि हुई है। वहीं पुरुष कैदियों की संख्या में 77 फ़ीसदी की वृद्धि हुई है। वर्ष 2000 से 2022 के बीच जेलों में महिला कैदियों की संख्या भारत में 9089 से बढ़कर 23772 पर पहुंच गई है। जो लगभग 162 फ़ीसदी होती है। वहीं पुरुष कैदियों की संख्या 310310 से बढ़कर 549351 हो गई है। जो लगभग 77 फ़ीसदी की वृद्धि दर्शाती है। हाल ही में इंस्टिट्यूट फॉर क्राइम एंड जस्टिस पॉलिसी रिसर्च की रिपोर्ट जारी हुई है। उसमें विश्व के देशो में महिला कैदियों को लेकर अधिकृत आंकड़ा जारी किया गया है। महिला कैदियों की संख्या जेलों में लगातार बढ़ती चली जा रही है। इससे लग रहा है, महिलाएं, अपराध में तेजी के साथ पुरुषों के मुकाबले ज्यादा सक्रिय हैं। महिलाएं संगठित अपराध मादक पदार्थ की तस्करी, इत्यादि में बड़े पैमाने पर जेल में जा रही हैं। इस समय अमेरिका में 174607 चीन में 145000 ब्राजील में 50441 रूस में 39153 थाईलैंड में 3300057 भारत में 23772 फिलिपींस में 17121 तुर्की में 16581 वियतनाम में 15152 और मेक्सिको की जेलौं में 13841 महिलाएं जेलों में बंद है। दुनिया भर में महिला कैदियों की संख्या साल दर साल बढ़ती जा रही है। महिलाओं द्वारा किए जा रहे अपराधों की संख्या लगातार बढ़ती चली जा रही है। उपरोक्त सभी देशों में जेलों में महिला कैदियों की संख्या बढ़ती चली जा रही है। जिसकी चुनौती जेल प्रशासन को झेलना पड़ रही है। महिलाओं के अनुकूल सुविधा जेल में उपलब्ध कराना जेल प्रशासन के लिए दिन प्रतिदिन मुसीबत बन रही है। एसजे / 01 जनवरी 26