राष्ट्रीय
01-Jan-2026


नई दिल्ली,(ईएमएस)। केंद्र सरकार ने तंबाकू उत्पादों पर कर व्यवस्था को और सख्त करते हुए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने सिगरेट, तंबाकू, पान-मसाला और गुटखा जैसे उत्पादों पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी और नया सेस लगाने का ऐलान किया है, जो 1 फरवरी 2026 से पूरे देश में लागू होगा। इस फैसले के लागू होते ही तंबाकू उत्पादों की कीमतों में बड़ा इजाफा होना तय माना जा रहा है। वित्त मंत्रालय ने 31 दिसंबर की देर रात इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। नए नियमों के तहत तंबाकू और सिगरेट पर लगने वाली यह अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी 40 फीसदी जीएसटी दर के ऊपर होगी। इसके साथ ही पान-मसाले पर भी केंद्र सरकार ने अलग से सेस लगाने का निर्णय लिया है, जो जीएसटी के अतिरिक्त वसूला जाएगा। सरकार ने पैकिंग मशीनों की सहायता से बनाए जाने वाले और पाउच में पैक चबाने वाले तंबाकू, जर्दा सुगंधित तंबाकू और गुटखा को केंद्रीय उत्पाद शुल्क अधिनियम की धारा 3ए के तहत नोटिफाई किया है। इसका उद्देश्य टैक्स चोरी पर रोक लगाना और कर संग्रह को अधिक प्रभावी बनाना है। नए नियमों के अनुसार सिगरेट की लंबाई के आधार पर प्रति 1000 स्टिक पर 2050 रुपये से लेकर 8500 रुपये तक की अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगेगी। इसके ऊपर 40 फीसदी जीएसटी भी लागू होगा, जिससे सिगरेट की खुदरा कीमत लगभग दोगुनी हो सकती है। सरकार का कहना है कि इससे तंबाकू उत्पादों की खपत को हतोत्साहित किया जा सकेगा। बीड़ी पर दी गई राहत जहां सिगरेट और पान-मसाला पर 40 फीसदी जीएसटी लागू रहेगा, वहीं बीड़ी पर टैक्स की दर 18 फीसदी ही रखी गई है। इसके अलावा पान-मसाला निर्माण इकाइयों पर ‘हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस’ लगाया जाएगा, जो मशीनों की उत्पादन क्षमता के आधार पर तय होगा। शेयर बाजार में दिखा असर इस फैसले का असर शेयर बाजार पर नए साल के पहले ही दिन 01 जनवरी को देखने को मिला है। सिगरेट निर्माता कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। आईटीसी का शेयर 8.62 फीसदी गिरकर 402 रुपये से 368 रुपये पर आ गया, जबकि गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयरों में करीब 12 फीसदी की गिरावट देखी गई। एफएमसीजी इंडेक्स भी लगभग 3 फीसदी टूट गया। सरकार के इस कदम को स्वास्थ्य संरक्षण और कर सुधार की दिशा में एक बड़ा निर्णय माना जा रहा है। हिदायत/ईएमएस 01जनवरी26