भारतीय जनता पार्टी पर मंदिर-मस्जिद की राजनीति करने का आरोप विपक्ष लगाता रहता है लेकिन, पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का विधायक मस्जिद की नींव रख रहा है, जिसे पार्टी से निष्कासित करने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महाकाल का विशाल मंदिर बनवाने की घोषणा कर दी, इस सबके बीच पश्चिम बंगाल पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह ने संस्कृति, राष्ट्र और नागरिकों की सुरक्षा के साथ विकास की बात की और इधर दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी प्रगति की बात कर रहे हैं, इसी बदलते दृश्य से ही अवगत करा रहे हैं बीपी गौतम... बेलडांगा में रखी गई मस्जिद की नींव पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव का पत्थर रख दिया गया है। तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने भव्य समारोह का आयोजन किया, इस दौरान हजारों की भीड़ मौजूद रही, जिसने हुमायूं कबीर के समर्थन में जमकर नारेबाजी की, यह कार्यक्रम 1992 में अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस की 33वीं वर्षगांठ के दिन रखा गया, इस घटना से पूरे राज्य में सांप्रदायिक तनाव जैसी स्थिति बन गई, जिसके चलते पुलिस-प्रशासन ने भारी सुरक्षाबल तैनात किये थे। समारोह कुरान पाठ के बाद शुरू हुआ, जिसमें सम्मिलित होने के लिए लोग सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर पहुंचे थे। कार्यक्रम के आयोजक हुमायूं कबीर ने दावा किया कि यह एक छोटे पैमाने पर बाबरी मस्जिद की एग्जैक्ट रेप्लिका होगी, यह हमारा धार्मिक अधिकार है और हम शांति बनाये रखेंगे। शिलान्यामस समारोह में मौजूद जन-समूह को संबोधित करते हुए हुमायूं कबीर ने कहा कि मालदा, मुर्शिदाबाद और दक्षिण 24 परगना के लोग बाबरी मस्जिद के निर्माण में योगदान देंगे, मेरे पास मस्जिद बनाने के लिए 25 बीघा जमीन है लेकिन, स्थानीय प्रशासन हमें रोक रहा है, हमें सरकारी धन की जरूरत नहीं होगी, मैं उस व्यक्ति का नाम नहीं लूंगा, जिसने हमें मस्जिद बनाने के लिए 80 करोड़ रुपये देने पर सहमति जताई है, मैं सरकार से एक रुपया भी नहीं लूंगा, फिर मस्जिद की पवित्रता अखंड नहीं रहेगी। हुमायूं कबीर ने कहा कि पश्चिम बंगाल पुलिस का समर्थन मिल रहा है, मेरी सुरक्षा की जा रही है, इसके लिए धन्यवाद देता हूं, मैं पूरी मुस्लिम कम्युनिटी को दिल से सलाम और मुबारकबाद देता हूं, इस दौरान मंच से हुमायूं कबीर ने कहा कि 2024 में मैंने घोषणा की थी कि मैं जल्द ही मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का उद्घाटन करूंगा, आज 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखने के लिए यहां आए हैं, इसके अलावा बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए मालदा सहित कई जिलों से कंस्ट्रक्शन का सामान ले जाने वाले ट्रैक्टर मुर्शिदाबाद के बेलडांगा पहुंचे हैं। बंगाल के अलग-अलग हिस्सों से कुछ मुस्लिम लोग अपने सिर पर ईंट रखकर मुर्शिदाबाद पहुंचे हैं, एक व्यक्ति ने कहा कि हमारी मस्जिद बनेगी। समारोह स्थल नारा-ए-तकबीर और अल्लाहु अकबर के नारों से गूंजता। हुमायूं कबीर ने बनाई नई पार्टी हुमायूं कबीर पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद जिले के भरतपुर विधान सभा क्षेत्र से विधायक हैं, इन्हें मस्जिद बनवाने की घोषणा करने के बाद 4 दिसंबर को तृणमूल कांग्रेस ने निष्कासित कर दिया था, जिसके बाद विधायक हुमायूं कबीर ने अपनी नई पार्टी बना ली, जिसका नाम जनता उन्नयन पार्टी रखा है। उन्होंने कहा था कि मैं आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में किंग मेकर बनकर सामने आउंगा। जो भी सीएम बनेगा, उसे ऐसा करने के लिए मेरे समर्थन की जरूरत पड़ेगी, इससे पहले हुमांयू कबीर ने दावा किया था कि आगामी विधानसभा चुनाव में न तो सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस और न ही मुख्य विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा छू पाएगी। हुमायूं कबीर ने कहा कि कोई भी पार्टी अकेले दम पर 148 सीटों का आकंड़ा पार नहीं कर पायेगी। आग से खेल रही हैं ममता बनर्जी: मालवीय भाजपा नेता अमित मालवीय ने सोशल साइट्स एक्स पर लिखा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राजनीतिक लाभ के लिए मुस्लिमों के ध्रुवीकरण के लिए इस विधायक का इस्तेमाल कर रही हैं, वह आग से खेल रही हैं। उन्होंने कहा कि बेलडांगा से आ रही रिपोर्टों ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। अमित मालवीय ने दावा किया कि कबीर के समर्थकों को उस ढांचे के निर्माण के लिए ईंटें ले जाते हुए देखा गया, जिसे उन्होंने बाबरी मस्जिद बताया है, उन्होंने कहा कि हुमायूं कबीर ने कहा है, उन्हें पुलिस का समर्थन हासिल है। सिलीगुड़ी में ममता बनवायेंगी विशाल महाकाल मंदिर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को राज्य में सबसे बड़े महाकाल मंदिर के निर्माण को लेकर घोषणा की, उन्होंने कहा कि सिलीगुड़ी में इस मंदिर की आधारशिला जनवरी के दूसरे सप्ताह में रखी जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए जरूरी धनराशि की व्यवस्था कर ली गई है, इस मंदिर के निर्माण से सिलीगुड़ी में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। कोलकाता के न्यू टाउन में देवी दुर्गा को समर्पित परिसर दुर्गा आंगन के आधारशिला समारोह में आईं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस साल अक्टूबर में उत्तरी बंगाल में आई आपदा के दौरान अपने दौरे के समय घोषणा की थी कि सिलीगुड़ी में भी दार्जिलिंग की तरह महाकाल मंदिर बनाया जायेगा। यह मंदिर उज्जैन के श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के नाम से ही जाना जाएगा। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि वह लंबे समय से गंगासागर में पुल निर्माण को लेकर प्रयास कर रही थीं लेकिन, अब राज्य सरकार खुद इस परियोजना को आगे बढ़ाएगी। उन्होंने घोषणा की कि गंगासागर में प्रस्तावित पुल की नींव 5 जनवरी को रखी जाएगी और अगले दो वर्षों में इसे आम जनता के लिए खोल दिया जायेगा। यह भी बता दें कि ममता बनर्जी इससे पहले दीघा में एक जगन्नाथ मंदिर भी बनवा चुकी हैं। ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया है कि एसआईआर के नाम पर लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में ही एसआईआर प्रक्रिया के चलते करीब 60 लोगों की मौत हुई है। बांकुड़ा की जनसभा में ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव से पहले वे सोनार बांग्ला का वादा करते हैं लेकिन, दूसरे राज्यों में बंगाली बोलने वाले लोगों को पीटा जाता है। बांकुड़ा की रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि एसआईआर एक बहुत बड़ा घोटाला है और एआई तकनीक का इस्तेमाल करके एसआईआर किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि लोग, भाजपा को पश्चिम बंगाल की सत्ता में नहीं आने देंगे। उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि अगर, मतदाता सूची से एक भी वैध मतदाता का नाम कटा तो, उनकी पार्टी टीएमसी दिल्ली में चुनाव आयोग के ऑफिस का घेराव करेगी, इससे पहले कोलकाता में दुर्गा आंगन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि कई लोगों ने कहा है कि मैं तुष्टीकरण कर रही हूं लेकिन, मैं सेक्युलर हूं और सभी धर्मों में विश्वास करती हूं। मुझे बंगाल से प्यार है, मुझे भारत से प्यार है। हम सभी जातियों, सभी धर्मों से प्यार करते हैं, यही हमारी विचारधारा है, हर व्यक्ति को अपना लोकतांत्रिक अधिकार है, धर्म व्यक्तिगत पसंद है लेकिन, त्योहार सभी के लिए हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि मैं सभी धर्मों के कार्यक्रमों में जाती हूं, जब मैं गुरुद्वारे जाता हूं तो, किसी को कोई दिक्कत नहीं होती लेकिन, अगर, मैं ईद के कार्यक्रम में जाती हूं तो, कुछ लोगों को परेशानी होने लगती है। हम बंग गौरव और बंग संस्कृति को फिर से जिंदा करेंगे: शाह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस वार्ता की। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा। घुसपैठ, भ्रष्टाचार, प्रशासन सहित कई मुद्दों को लेकर ममता सरकार को आड़े हाथ लिया। अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी चुनावी लाभ के लिए बांग्लादेशियों की घुसपैठ को बढ़ावा दे रही हैं। पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा हमें जमीन न दिए जाने के कारण हम बांग्लादेश सीमा की बाड़बंदी पूरी नहीं कर पाए हैं। साल 2026 में बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि घुसपैठ रोकने के मुद्दे पर ही होगा 2026 का पश्चिम बंगाल चुनाव। उन्होंने कहा कि बंगाल के लिए आज से अप्रैल तक का समय बेहद अहम है, क्योंकि इस दौरान राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 साल में टीएमसी सरकार के शासन में राज्य में भय, भ्रष्टाचार और गलत प्रशासन फैला है, जिसके कारण बंगाल में आम नागरिकों में चिंता का माहौल बन गया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण बंगाल का विकास रुक गया है। प्रधानमंत्री मोदी की जनकल्याण योजनाएं यहां टोल सिंडिकेट की भेंट चढ़ गई हैं। पिछले 14 वर्षों से बंगाल की पहचान डर और भ्रष्टाचार बन गई है। उन्होंने कहा कि हम न सिर्फ घुसपैठियों की पहचान करेंगे बल्कि, उन्हें बाहर भी निकालेंगे। 15 अप्रैल 2026 के बाद बंगाल में भाजपा की नई सरकार होगी, क्योंकि जनता ने मन बना लिया है। अमित शाह ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह आधिकारिक तौर पर कहा गया है कि महिलाओं को शाम सात बजे के बाद अपने घरों से बाहर नहीं निकलना चाहिए। हम किस युग में जी रहे हैं? क्या हम मुगल काल में जी रहे हैं? उन्होंने कहा कि ममता जी यह एक आजाद भारत है। यह सुनिश्चित करना कि महिलायें जब चाहें सुरक्षित रूप से बाहर निकल सकें, एक संवैधानिक अधिकार है। आपकी सरकार यह बुनियादी सुरक्षा देने में विफल रही है। अमित शाह ने कहा कि बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए राज्य सरकार जमीन नहीं दे रही, जिसकी वजह से घुसपैठ की समस्या बनी हुई है। उन्होंने सवाल किया कि त्रिपुरा, असम, राजस्थान, पंजाब, कश्मीर और गुजरात की सीमाओं पर घुसपैठ क्यों रुक गई लेकिन, पश्चिम बंगाल में क्यों नहीं रुक रही? उन्होंने कहा कि बंगाल में राज्य सरकार की जानकारी में घुसपैठ हो रही है और इसका मकसद जनसंख्या में बदलाव कर वोट बैंक मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव घुसपैठ रोकने और घुसपैठियों को बाहर निकालने इन्हीं मुद्दों पर लड़े जायेंगे। अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि बंगाल सीमा से हो रही घुसपैठ देश की राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है और इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। अमित शाह एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए उन्होंने खुद ममता बनर्जी को सात पत्र लिखे हंश लेकिन, राज्य सरकार अब तक जमीन नहीं दे रही है। उन्होंने बताया कि पिछले छः साल में गृह सचिव तीन बार बंगाल गए और राज्य के मुख्य सचिव के साथ बैठकें भी हुईं, इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने सवाल किया कि टीएमसी सरकार को जमीन देने में किस बात का डर है और क्या राज्य सरकार की कोई जिम्मेदारी नहीं बनती? अमित शाह ने आरोप लगाया कि बंगाल सरकार घुसपैठियों के दस्तावेज बना रही है, जिससे घुसपैठ लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार घुसपैठ रोकने में पूरी तरह नाकाम रही है और इससे बंगाल की जनसंख्या संरचना तेजी से बदल रही है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि 2026 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनायेगी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बंगाल में भाजपा का जनाधार लगातार बढ़ा है, जो साफ तौर पर चुनावी नतीजों में दिखता है। अमित शाह ने आंकड़े गिनाते हुए कहा कि 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा को 17% वोट और तीन सीटें मिलीं, 2016 विधानसभा चुनाव में पार्टी को 10% वोट और तीन सीटें मिलीं। उन्होंने कहा कि 2019 लोकसभा चुनाव में वोट बढ़कर 41% और सीटें 18 हो गईं, 2021 विधानसभा चुनाव में भाजपा को 21% वोट और 77 सीटें मिलीं और 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी को 39% वोट और 12 सीटें मिलीं। उन्होंने कहा कि जो पार्टी 2016 में सिर्फ 3 सीटों पर थी, वह पांच साल में 77 सीटों तक पहुंच गई, वहीं कांग्रेस शून्य पर पहुंच गई और वाम दलों को एक भी सीट नहीं मिली। अमित शाह ने कहा पिछले 14 सालों से डर और भ्रष्टाचार पश्चिम बंगाल की पहचान बन गए हैं, 15 अप्रैल 2026 के बाद जब पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनेगी तो, हम बंग गौरव और बंग संस्कृति को फिर से जिंदा करेंगे, यह बंग भूमि हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि भाजपा का गठन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने किया था, जो यहां के एक बड़े नेता थे। उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी कार्यकर्ता पश्चिम बंगाल की जनता को आश्वासन देना चाहते हैं और वादा भी करना चाहते हैं कि पीएम मोदी के नेतृत्व में बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के साथ ही यहां की विरासत को हम पुनर्जीवित करेंगे, एक ऐसी मजबूत राष्ट्रीय ग्रीड बनायें,गे जो बंगाल से घुसपैठ को समाप्त कर देगी। इंसान छोड़ दीजिए, परिंदा भी पर नहीं मार पाए, हम इस प्रकार की ग्रीड की रचना करेंगे। न केवल घुसपैठ रोकेंगे, सारे घुसपैठियों को चुन-चुन कर भारत के बाहर निकालने का काम भी भाजपा सरकार करेगी। अमित शाह पर टीएमसी का पलटवार तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु ने भी मीडिया से बातचीत में कहा कि अमित शाह की टिप्पणियां खोखले दावों पर आधारित हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा चुनावों में 50 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी। बसु ने कहा कि अमित शाह एक पर्यटक की तरह आते-जाते रहेंगे। ऐसी यात्राओं से कोई फायदा नहीं होगा और उन्हें शर्मनाक हार का सामना करना पड़ेगा। अमित शाह की टिप्पणियों की आलोचना करते हुए मंत्री शशि पांजा ने केंद्रीय गृह मंत्री से दुर्गा पूजा और क्रिसमस जैसे त्योहारों के समय बंगाल आने का आग्रह किया, जब हजारों महिलाएं आजादी से घूमती हैं। उन्होंने कहा कि अमित जी को महिला सुरक्षा पर उपदेश नहीं देना चाहिए। आपकी पार्टी के कार्यकर्ता बिल्किस बानो के दोषियों को माला पहनाते हैं और कुलदीप सेंगर व बृजभूषण जैसे लोगों को बचाते हैं। पांजा ने शाह और केंद्र सरकार पर अपराजिता विधेयक को पारित होने में बाधा डालने का आरोप भी लगाया। बंगाल में औद्योगिक गिरावट के अमित शाह के दावों पर पांजा ने कहा कि 2011 से राज्य में 13.8 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है। उन्होंने कहा कि केंद्र के आंकड़ों के अनुसार बंगाल सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र में दूसरे स्थान पर है और अमित शाह औद्योगिक विकास के बारे में झूठ फैला रहे हैं। प्रधानमंत्री ने विकास और प्रगति का पाठ पढ़ाया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सुधार, प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक परिवर्तन बेहद जरूरी हैं। प्रगति मंच की 50वीं बैठक में उन्होंने पिछले एक दशक की यात्रा को ऐतिहासिक मील का पत्थर बताते हुए कहा कि इस अवधि में शासन की कार्य संस्कृति में बड़ा परिवर्तन आया है, जिससे निर्णय लेने और योजनाओं को जमीन पर उतारने की गति तेज हुई है। उन्होंने कहा कि सुधारों का मतलब प्रक्रियाओं से आगे बढ़कर समाधान तक पहुंचना है, प्रक्रियायें सरल हों, जीवन और कारोबार में आसानी बढ़े और सिस्टम ज्यादा अनुकूल बने। क्रियान्वयन में समय, लागत और गुणवत्ता तीनों पर समान ध्यान जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रगति के जरिए परिणाम आधारित शासन को मजबूती मिली है और अब इसे और गहराई तक ले जाने की आवश्यकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रगति को पिछले दस वर्षों में भारत की शासन संस्कृति में आए गहरे परिवर्तन का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जब फैसले समय पर होते हैं, समन्वय मजबूत होता है और जवाबदेही तय होती है तो, सरकारी कामकाज की गति अपने आप बढ़ती है और उसका सीधा असर नागरिकों के जीवन में दिखता है। नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि प्रगति सिर्फ एक समीक्षा बैठक नहीं बल्कि, टीम इंडिया की भावना और सहकारी संघवाद का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने सड़क, रेल, बिजली, जल संसाधन और कोयला जैसे क्षेत्रों की पांच अहम बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की, जो पांच राज्यों में फैली हैं और जिनकी कुल लागत 40,000 करोड़ रुपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व की कई लंबित परियोजनायें अब पूरी हो चुकी हैं। पीएम श्री योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इसे समग्र और भविष्य के लिए तैयार स्कूली शिक्षा का राष्ट्रीय मानक बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि योजना का क्रियान्वयन ढांचागत नहीं बल्कि, परिणाम केंद्रित होना चाहिए। सभी मुख्य सचिवों से उन्होंने पीएम श्री योजना की कड़ी निगरानी करने और इन स्कूलों को राज्य सरकारों के अन्य स्कूलों के लिए बेंचमार्क बनाने को कहा, साथ ही वरिष्ठ अधिकारियों को जमीनी दौरे कर मूल्यांकन करने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रगति का विचार उनके गुजरात के मुख्यमंत्री रहते समय आया था, उस समय उन्होंने तकनीक आधारित जन-शिकायत निवारण मंच शुरू किया था, जिससे अनुशासन, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित हो सके, इसी अनुभव ने आगे चलकर प्रगति का स्वरूप लिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र में आने के बाद उसी भावना को राष्ट्रीय स्तर पर प्रगति के माध्यम से लागू किया गया। बड़े प्रोजेक्ट, प्रमुख कार्यक्रम और जनशिकायत निवारण को एकीकृत मंच पर लाकर समीक्षा, समाधान और फॉलो-अप की व्यवस्था की गई, जिससे कामकाज में गति और पारदर्शिता बढ़ी। नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रगति आधारित पारिस्थितिकी तंत्र ने 85 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को गति दी है। 2014 से अब तक प्रगति के तहत 377 परियोजनाओं की समीक्षा हुई, जिनमें पहचाने गए 3,162 मुद्दों में से 2,958 यानी करीब 94 प्रतिशत का समाधान किया गया, इससे देरी, लागत बढ़ने और समन्वय की कमी में बड़ी कमी आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि प्रगति के माध्यम से कई दशकों से अटकी परियोजनायें पूरी हुईं, इनमें असम का बोगीबील रेल-सह-सड़क पुल, जम्मू-उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, भिलाई स्टील प्लांट का आधुनिकीकरण और गडरवारा व लारा सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट सम्मिलित हैं, यह सभी निरंतर निगरानी और बेहतर अंतर-सरकारी समन्वय का परिणाम हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनाना एक राष्ट्रीय संकल्प और समयबद्ध लक्ष्य है। प्रगति इस लक्ष्य को हासिल करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि सामाजिक क्षेत्र में विशेष रूप से मुख्य सचिव स्तर पर प्रगति जैसे तंत्र को संस्थागत किया जाये, साथ ही उन्होंने परियोजना के हर चरण में तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में प्रगति को और मजबूत किया जाना चाहिए, ताकि तेज क्रियान्वयन, उच्च गुणवत्ता और नागरिकों के लिए मापने योग्य परिणाम सुनिश्चित हों। (यह लेखक के व्यक्तिगत विचार हैं इससे संपादक का सहमत होना अनिवार्य नहीं है) ईएमएस / 02 जनवरी 25