- बेहतर दामों के असर से गेहूं, चना और आलू की बुआई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी गांधीनगर (ईएमएस)| गुजरात राज्य में खरीफ सीजन के बाद महत्वपूर्ण मानी जाने वाली रबी कृषि ऋतु अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। पिछले वर्ष किसानों को रबी फसलों के रिकॉर्ड तोड़ दाम मिलने के परिणामस्वरूप चालू वर्ष में रबी फसलों के बुआई क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली है। गुजरात में पिछले तीन वर्षों के दौरान रबी फसलों का औसत सामान्य बुआई क्षेत्र 46.43 लाख हेक्टेयर रहा है, जबकि चालू वर्ष में अब तक ही किसानों ने 96 प्रतिशत से अधिक यानी 44.74 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रबी फसलों की बुआई कर दी है। राज्य के कुछ क्षेत्रों में अभी भी रबी फसलों की बुआई जारी होने से इस आंकड़े में और वृद्धि की पूरी संभावना है। भारत के कुल गेहूं उत्पादन में गुजरात का महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य में हर वर्ष रबी मौसम के दौरान गेहूं की सबसे अधिक बुआई होती है। इसी क्रम को बनाए रखते हुए इस वर्ष भी गुजरात में गेहूं का सर्वाधिक रकबा दर्ज किया गया है। अब तक राज्य में 13.24 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुआई हो चुकी है। गेहूं सहित कुल खाद्यान्न फसलों का रकबा 14.83 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। इस वर्ष राज्य में दलहनी फसलों में चने की भी व्यापक बुआई दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में लगभग 7.48 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में चने की बुआई हुई थी, जबकि इस वर्ष 13 प्रतिशत की वृद्धि के साथ अब तक 8.47 लाख हेक्टेयर में चने की बुआई हो चुकी है। चना सहित कुल दलहनी फसलों का रकबा भी 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 8.96 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है। इसी तरह जीरा जैसी मसाला फसलों का 3.75 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में तथा राई जैसी तिलहनी फसलों का 2.78 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बुआई दर्ज की गई है। इतना ही नहीं, चालू रबी सीजन में गुजरात में आलू की बुआई में भी भारी वृद्धि देखी गई है। पिछले वर्ष इसी समय लगभग 1.40 लाख हेक्टेयर में आलू की बुआई हुई थी, जबकि इस वर्ष 18 प्रतिशत की वृद्धि के साथ अब तक 1.66 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आलू की बुआई हो चुकी है। रबी सीजन की यह बुआई प्रक्रिया जनवरी के अंतिम सप्ताह तक जारी रहेगी। राज्य में हुई इस व्यापक बुआई के चलते आने वाले समय में कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। सतीश/02 जनवरी