-कहा - इस फर्जी खबर को बनाने और फैलाने वालों को कोर्ट में घसीटेंगे मुंबई,(ईएमएस)। मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने अपने खिलाफ फैलाए जा रहे एक फर्जी डीपफेक वीडियो पर नाराजगी जताई है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर एक एआई जेनरेटेड वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उन्हें सिर पर टोपी पहने दिखाया गया है और दावा किया गया है कि वे अब आस्तिक हो गए हैं। जावेद अख्तर ने शुक्रवार को एक्स पर इस फर्जी वीडियो को खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि वे इस मामले में कानूनी कार्रवाई और साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज करने पर विचार कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो में दावा किया गया था कि जावेद अख्तर ने आखिरकार खुदा की राह अपना ली है। इस पर उन्होंने लिखा- यह बकवास है। उन्होंने कहा कि वे इस फर्जी खबर को बनाने और फैलाने वालों को कोर्ट में घसीटेंगे क्योंकि इससे उनकी प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचा है। बता दें हाल ही में दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में जावेद अख्तर और इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती शमाइल नदवी के बीच क्या ईश्वर का अस्तित्व है? विषय पर एक डिबेट हुई थी। माना जा रहा है कि इसी चर्चा के बाद उनके विचारों को तोड़-मरोड़कर पेश करने के लिए यह डीपफेक वीडियो बनाया गया है। जावेद अख्तर अकेले ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जो तकनीक के इस गलत इस्तेमाल से परेशान हैं। हाल के दिनों में कई अन्य सितारों ने भी अपनी आवाज उठाई है। कुछ दिनों पहले, बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने अपनी उन एआई जेनरेटेड तस्वीरों की आलोचना की थी जिनमें उन्हें संसद के बाहर साड़ी के बजाय पेंट-सूट में दिखाया गया था। उन्होंने इसे अपनी निजता का उल्लंघन बताते हुए कहा कि यह तय करना उनका अधिकार है कि वे क्या पहनना चाहती हैं। वहीं, दिसंबर 2025 में दक्षिण भारतीय अभिनेत्री श्रीलीला और निवेथा थॉमस ने भी अपनी फर्जी तस्वीरों के खिलाफ चेतावनी जारी की थी। निवेथा ने इसे डिजिटल प्रतिरूपण करार देते हुए कानूनी कार्रवाई की बात कही थी। भारत सरकार ने 2025 के अंत तक डीपफेक और एआई जेनरेटेड कंटेंट के लिए कड़े दिशा-निर्देश लागू किए हैं। आईटी नियम 2021 के तहत प्लेटफॉर्म्स को शिकायत मिलने के 36 घंटे के भीतर ऐसी भ्रामक सामग्री हटानी होती है। सरकार ने प्रस्ताव दिया कि सभी एआई-जनित फोटो या वीडियो पर कम से कम 10फीसदी हिस्से में यह स्पष्ट लिखा होना चाहिए कि यह सिंथेटिक या एआई जेनरेटेड है। भारतीय न्याय संहिता के तहत मानहानि और जालसाजी के लिए जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। सिराज/ईएमएस 02जनवरी26