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02-Jan-2026
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भोपाल/इंदौर (ईएमएस)। साल 2025 के अंत में इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों ने न सिर्फ प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है, बल्कि सत्ताधारी दल के भीतर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इस गंभीर घटना को लेकर भाजपा की वरिष्ठ नेत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने सोशल मीडिया पर भावुक और तीखा बयान जारी करते हुए प्रदेश सरकार, प्रशासन और पूरी व्यवस्था को कटघरे में खड़ा किया है। उमा भारती के इस ट्वीट को मध्यप्रदेश की राजनीति में बेहद अहम माना जा रहा है। उमा भारती ने अपने ट्वीट में लिखा कि साल 2025 के अंत में इंदौर में गंदा पानी पीने से हुई मौतें “हमारा प्रदेश, हमारी सरकार और हमारी पूरी व्यवस्था को शर्मिंदा और कलंकित कर गई हैं।” उन्होंने सवाल उठाया कि जिस इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर होने का अवार्ड मिला है, वहां इतना जहरीला और गंदा पानी लोगों की जिंदगी निगल जाए, यह किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की गहरी नाकामी का प्रतीक है। भाजपा नेत्री ने साफ शब्दों में कहा कि जिंदगी की कीमत दो लाख रुपये के मुआवजे से नहीं आंकी जा सकती। उन्होंने लिखा कि मृतकों के परिजन जीवन भर इस दुख को ढोते रहेंगे और पैसों से उस पीड़ा की भरपाई संभव नहीं है। उमा भारती ने इसे “पाप” करार देते हुए कहा कि इस पाप का घोर प्रायश्चित करना होगा। उन्होंने मांग की कि पीड़ित परिवारों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी जाए और नीचे से लेकर ऊपर तक, जो भी दोषी हैं, उन्हें अधिकतम सजा दी जाए। उमा भारती का यह बयान इसलिए भी राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है क्योंकि वे उसी पार्टी की वरिष्ठ नेता हैं, जिसकी सरकार इस समय मध्यप्रदेश में सत्ता में है। आमतौर पर सत्ता पक्ष के नेता इस तरह सार्वजनिक मंच पर अपनी ही सरकार की आलोचना करने से बचते हैं, लेकिन उमा भारती का ट्वीट बताता है कि इंदौर की घटना ने पार्टी के भीतर भी बेचैनी बढ़ा दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नाम लेते हुए लिखा कि यह उनकी “परीक्षा की घड़ी” है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उमा भारती ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री से नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाने की अपेक्षा जताई है। यह बयान सरकार पर दबाव बढ़ाने वाला माना जा रहा है, क्योंकि अब सवाल केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि नैतिक जवाबदेही और सख्त दंड की मांग सामने आ रही है। इंदौर की इस घटना ने विपक्ष को भी सरकार पर हमलावर होने का मौका दे दिया है। कांग्रेस पहले ही इसे “स्वच्छता के दावों की पोल खोलने वाली त्रासदी” बता चुकी है। अब उमा भारती जैसे वरिष्ठ भाजपा नेता की टिप्पणी से मामला और गंभीर हो गया है।