क्षेत्रीय
03-Jan-2026
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वाराणसी (ईएमएस) ।सावित्री बाई फुले के जन्म दिन 3 जनवरी को छात्र कल्याण केंद्र बी एच यू के छात्र एवं कर्मचारियों नें एक संगोष्ठी कर सावित्री बाई फुले को राष्ट्र की पहली महिला शिक्षक बताया। संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए एस के राव नें कहाकी सावित्री बाई फुले पुणे में 100 वर्ष पहले महिलाओं की शिक्षा के लिए 5 विद्यालयों की स्थापना की। आज उनके स्थान पर सावित्री बाई फुले विश्व विद्यालय स्थापित है। कार्यालय अधीक्षक रामजीयावान राम नें कहा की फुले नें अनाथ बच्चों के लिए भी आश्रम बनाया था जहाँ विधवा महिलाओं से उत्पन्न सन्तानो की देखभाल की जाती थी। इधर माता रमाबाई अम्बेडकर महिला क्लब, वाराणसी द्वारा कंचन पुर में एक संगोष्ठी कर सावित्री बाई फुले के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला गया। महिला क्लब को सम्बोधित करते हुए अभिलाषा नें कहा कि सावित्री बाई नें महिलाओ को उन दिनों शिक्षित करने का विड़ा उठाया जब किसी भी समाज की महिलाओं को पढ़ने लिखने का अधिकार नहीं था। सविता अम्बेडकर नें कहा कि सावित्री बाई फुले जब विद्यालय जाती थी महिलाएं उनके ऊपर गोबर फेकती थीं और वापस विद्यालय से आते समय उनको अपने कपड़े बदलने पड़ते थे। कार्यक्रम में रानी निगम, श्याम सुंदरी, वृंदा देवी एवं लक्ष्मी देवी इत्यादि नें विचार व्यक्त किया। डॉ नरसिंह राम, 03 जनवरी, 2026