वाशिंगटन (ईएमएस)। अमेरिका में पाकिस्तानी लॉबिंग गतिविधियों का नया खुलासा अमेरिकी फॉरेन एजेंट्स रजिस्ट्रेशन एक्ट (एफएआरए) के दस्तावेजों में सामने आया है। इन दस्तावेजों के अनुसार, पाकिस्तान सरकार और उससे जुड़े संगठनों ने अमेरिका में अपनी छवि सुधारने और नीति निर्माताओं को प्रभावित करने के लिए लाखों डॉलर खर्च किए हैं। दस्तावेज के मुताबिक, इस्लामाबाद पॉलिसी रिसर्च इंस्टीट्यूट ने अमेरिका में लॉबिंग और जननीति गतिविधियों के लिए करीब 9 लाख डॉलर खर्च किए। यह संस्थान पाकिस्तान के नेशनल सुरक्षा डिवीजन से जुड़ा है। अक्टूबर 2024 में इस काम के लिए हाइपरफोकल कम्युनिकेशंस एलएलसी को पंजीकृत किया गया, जो टीम ईगल कंसल्टिंग के तहत सबकॉन्ट्रैक्टर के रूप में कार्य कर रही थी। इसका उद्देश्य अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों को बेहतर बनाना बताया गया। इसके तहत शुरुआती तीन महीनों में हर महीने 25 हजार डॉलर का भुगतान तय किया गया। इस समझौते में अमेरिकी सांसदों और सरकारी अधिकारियों से संपर्क करना, थिंक टैंकों और नीति समूहों से बातचीत करना शामिल है। इसमें क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक विकास और लोकतांत्रिक सुधार जैसे मुद्दों को भी शामिल किया गया। अमेरिकी कानून के अनुसार, विदेशी सरकारों और उनसे जुड़े संगठन अपनी लॉबिंग और जनसंपर्क गतिविधियों की जानकारी सार्वजनिक करने के लिए बाध्य हैं। यही कारण है कि इन दस्तावेजों से पाकिस्तान की अमेरिका में की गई लॉबिंग, समझौते और किए गए भुगतान का पूरा ब्योरा सामने आया। भारत में इन खुलासों पर खास नजर रखी जा रही है, क्योंकि इसमें जम्मू और कश्मीर और भारत-पाकिस्तान संबंधों को प्रभावित करने के प्रयासों का उल्लेख है। आशीष/ईएमएस 04 जनवरी 2026