अंतर्राष्ट्रीय
04-Jan-2026
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कराची (ईएमएस)। पाकिस्तान वर्तमान में गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। हालिया घटनाक्रम में पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (पीएआई) के निजीकरण और फौजी फाउंडेशन में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की संभावित हिस्सेदारी ने सवाल खड़ा किया है कि पाकिस्तान की सबसे ताकतवर कंपनी फौजी फाउंडेशन आखिर है क्या और यह कैसे काम करती है। इसी बीच पाकिस्तान सरकार ने आर्थिक दबाव में यूएई को फौजी फाउंडेशन में करीब एक अरब डॉलर की हिस्सेदारी देने की अनुमति दे दी। इसके बदले अबू धाबी से दो अरब डॉलर के कर्ज के रोलओवर की उम्मीद जाहिर की है। इससे यह साफ होता है कि पाकिस्तान की सेना से जुड़ी कारोबारी संस्थाएं अब केवल घरेलू नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सौदों का भी अहम हिस्सा बन चुकी हैं। फौजी फाउंडेशन को अक्सर पाकिस्तान सेना की “मनी मशीन” कहा जाता है। इसकी मौजूदगी करीब हर मुनाफे वाले सेक्टर में है। खाद और सीमेंट निर्माण से लेकर बिजली उत्पादन, बैंकिंग, इंश्योरेंस, रियल एस्टेट, स्टॉक मार्केट निवेश और इतना ही नहीं मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर तक—हर जगह फौजी फाउंडेशन का दखल है। यह पाकिस्तान के उस मिलिट्री-कॉरपोरेट कॉम्प्लेक्स का केंद्र है, जिसके जरिए सेना केवल रक्षा ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी नियंत्रित करती है। फौजी फाउंडेशन अकेला नहीं है। यह पाकिस्तानी नौसेना के बहरिया फाउंडेशन और वायुसेना के शाहीन फाउंडेशन के साथ मिलकर काम करता है। इन संस्थाओं के भी अपने-अपने बिजनेस हैं, जो शिपिंग, रियल एस्टेट और इंश्योरेंस जैसे क्षेत्रों में फैले हुए हैं। इसके अलावा आर्मी वेलफेयर ट्रस्ट (एडबल्यूटी) है, जो दो दर्जन से ज्यादा व्यावसायिक कंपनियों को नियंत्रित करता है। डिफेंस हाउसिंग अथॉरिटी (डीएचए) भी सेना से जुड़ी एक शक्तिशाली रियल एस्टेट संस्था है, जिसने पाकिस्तान के लगभग हर बड़े शहर में कीमती जमीन पर कब्जा कर रखा है। फौजी फाउंडेशन की स्थापना 1952 में हुई थी। शुरुआत में ब्रिटिश औपनिवेशिक प्रशासन से केवल 3.6 मिलियन डॉलर की पूंजी मिली थी, जिसका उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध के सैनिकों और उनके परिवारों का कल्याण था। लेकिन समय के साथ इसका स्वरूप पूरी तरह बदल गया। आज, 2025 तक, इसके तहत कम से कम 25 सूचीबद्ध कंपनियां और कई गैर-सूचीबद्ध संस्थाएं काम कर रही हैं। इकोनॉमिक पॉलिसी एंड बिजनेस डेवलपमेंट थिंक टैंक के वेल्थ परसेप्शन इंडेक्स 2025 के अनुसार, फौजी फाउंडेशन की कुल नेटवर्थ लगभग 5.9 अरब डॉलर है, जो इस पाकिस्तान का सबसे बड़ा और सबसे ताकतवर कॉरपोरेट समूह बनाती है। आशीष/ईएमएस 04 जनवरी 2026