- रुपए की चाल और ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतों पर भी निवेशकों की निगाह रहेगी मुंबई (ईएमएस)। इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार की दिशा घरेलू और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों, विदेशी निवेशक गतिविधियों और कंपनियों के तिमाही नतीजों से तय होगी। पिछले सप्ताह घरेलू संस्थागत निवेशकों की लगातार खरीदारी के कारण बाजार में तेजी रही। बीएसई सेंसेक्स 720.56 अंक बढ़कर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 286.25 अंक ऊपर गया। निफ्टी ने 26,340 के सर्वकालिक उच्चतम स्तर भी छुआ। विशेषज्ञों के अनुसार निवेशक इस सप्ताह भारत में आने वाले एचएसबीसी सर्विसेज पीएमआई और संयुक्त पीएमआई के अंतिम आंकड़ों पर ध्यान देंगे। ये आंकड़े व्यापारिक गतिविधियों, रोजगार और आर्थिक गति के रुझानों को दर्शाएंगे। साथ ही, कंपनियों के तिमाही नतीजों के शुरुआती दौर में निवेशक प्रमुख कंपनियों में चुनिंदा पोजीशन बना सकते हैं। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और चीन के प्रमुख आर्थिक आंकड़े निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। विशेषकर अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल और बेरोजगारी के आंकड़े बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल और ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। बाजार के जानकारों का कहना है कि बाजार की भावना रचनात्मक रहने की उम्मीद है, लेकिन यह स्थिर दायरे में रह सकता है। निवेशक वैश्विक और घरेलू आंकड़ों के आधार पर अपनी रणनीति बनाएंगे। इस सप्ताह बाजार की चाल आर्थिक संकेतकों, तिमाही नतीजों और वैश्विक रुझानों से प्रभावित होगी। निवेशक सतर्क रहेंगे और बाजार में रचनात्मक लेकिन स्थिर गतिविधियों की संभावना रहेगी। सतीश मोरे/04जनवरी ---