राज्य
07-Jan-2026


मुंबई, (ईएमएस)। मध्य रेल के महाप्रबंधक विवेक कुमार गुप्ता ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर आयोजित एक समारोह में मध्य रेल के 11 कर्मचारियों (मुंबई मंडल से 4, पुणे मंडल से 3, भुसावल मंडल से 3 और नागपुर मंडल से 1) को संरक्षा पुरस्कार से सम्मानित किया। यह संरक्षा पुरस्कार संबंधित कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान उनकी सतर्कता, अप्रिय घटनाओं को रोकने में उनके योगदान और पिछले महीनों के दौरान ट्रेन परिचालन में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रदान किए गए। प्रत्येक पुरस्कार में एक पदक, प्रशंसा पत्र, अनुकरणीय संरक्षा कार्य प्रशस्ति पत्र और 3500 रूपये का नकद पुरस्कार शामिल है। पुरस्कार विजेताओं का विवरण इस प्रकार है- * मुंबई मंडल 1) बस्तीराम अव्हाड, ट्रैक मेंटेनर, कल्याण, मुंबई मंडल दिनांक 01.12.2025 को ड्यूटी पर रहते हुए, किलोमीटर 110/27 पर स्थित ओएचई मॉस्ट को झुका हुआ देखा। उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया। उनकी सतर्कता और पैनी नज़र ने एक संभावित अप्रिय घटना को टालने में मदद की। 2) विवेक कुमार, हेल्पर (एस & टी), ठाणे, मुंबई मंडल, दिनांक 20.11.2025 को ड्यूटी पर रहते हुए, किलोमीटर 31/62 पर रेल पटरी में दरार देखी। उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया और आवश्यक कार्रवाई की गई। उनकी सतर्कता और सूक्ष्म दृष्टि ने एक संभावित दुर्घटना को टालने में मदद की। 3) संतोष जाधव, विद्युत सिग्नल मेंटेनर (ईएसएम), दादर, मुंबई मंडल, 09.12.2025 को ड्यूटी पर थे, तभी उन्होंने किलोमीटर 8/34 पर रेल पटरी में दरार देखी। उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया और आवश्यक कार्रवाई की गई। उनकी सतर्कता और पैनी दृष्टि से एक संभावित दुर्घटना टल गई। 4) बिजेंद्र कुमार राय, विद्युत सिग्नल मेंटेनर (ईएसएम), कुर्ला, मुंबई मंडल, 18.11.2025 को ड्यूटी पर थे, तभी उन्होंने किलोमीटर 23/13 पर रेल पटरी में दरार देखी। उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया और आवश्यक कार्रवाई की गई। उनकी सतर्कता और पैनी नज़र से एक संभावित दुर्घटना टल गई। * पुणे मंडल 5) गणेश नमाने, ट्रैक मेंटेनर, दौंड, पुणे मंडल, 02.12.2025 को दौंड यार्ड में ड्यूटी पर थे। उन्होंने देखा कि गुजर रहे मालगाड़ी के ब्रेक असेंबली का पैनल रॉड अपनी जगह से खिसक गया था और धुरी (एक्सेल) पर गिर गया था, जिससे एक असामान्य ध्वनि उत्पन्न हो रही थी। उन्होंने तुरंत ट्रेन रोकने का संकेत दिया और सभी संबंधित अधिकारियों को सूचित किया। उनकी सतर्कता, पैनी नज़र और त्वरित कार्रवाई से एक संभावित दुर्घटना टल गई। 6) सुभाष सुरेश मंडल, ट्रैक मेंटेनर, उरुली, पुणे मंडल, 02.12.2025 को ड्यूटी पर रहते हुए, डाउन साइड पर किलोमीटर 210/840 पर रेल वेल्डिंग टूटी हुई देखी। उन्होंने तुरंत सभी संबंधित अधिकारियों को सूचित किया। उनकी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक संभावित अप्रिय घटना टल गई। 7) आलोक वर्मा, तकनीशियन (सी एंड डब्ल्यू), दौंड, पुणे मंडल, दिनांक 16.12.2025 को ड्यूटी पर रहते हुए, मालगाड़ी की रोलिंग जांच के दौरान, उन्होंने देखा कि एक वैगन का सीबीसी प्रोजेक्शन निर्धारित सीमा से अधिक था। गहन निरीक्षण से पता चला कि सीबीसी फ्रंट फॉलोअर प्लेट टूटी हुई थी। तत्काल कार्रवाई की गई और उनकी सतर्कता और पैनी दृष्टि ने एक संभावित दुर्घटना को टालने में मदद की। * भुसावल मंडल 8) एच.के.वर्मा, सहायक लोको पायलट, भुसावल, भुसावल मंडल, दिनांक 16.12.2025 को ट्रेन संख्या 12880 भुवनेश्वर-एलटीटी एक्सप्रेस पर ड्यूटी पर थे। लोको संख्या 30701 का कार्यभार संभालने के बाद, नियमित जांच के दौरान, उन्होंने देखा कि पहिया संख्या 5 के पास प्राथमिक हेलिकल स्प्रिंग टूटी हुई है। उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित किया। उनकी सतर्कता और पैनी नज़र ने एक संभावित अप्रिय घटना को टालने में मदद की। 9) किशोर रमेश निकम, ट्रैक मेंटेनर, शेगांव, भुसावल मंडल, दिनांक 15.12.2025 को ड्यूटी पर रहते हुए, रात्रि निरीक्षण के दौरान 01.10 बजे, किलोमीटर 498/14 पर एक वेल्ड में खराबी और फिशप्लेट के गिरने का पता चला। उन्होंने तुरंत ट्रैक को सुरक्षित किया और सभी संबंधित अधिकारियों को सूचित किया। उनकी सतर्कता और पैनी नजर ने एक संभावित अप्रिय घटना को टालने में मदद की। 10) सरिता मोरे, हेड कांस्टेबल आरपीएफ, नासिक रोड, भुसावल मंडल, दिनांक 29.11.2025 को नासिक रोड स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान, उन्होंने देखा कि ट्रेन संख्या 22221 राजधानी एक्सप्रेस के कोच संख्या बी-4 से एक यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश करते समय गिर गया। ट्रेन स्टेशन से रवाना हो रही थी। उन्होंने तुरंत सहायता के लिए दौड़ लगाई और यात्री को चोट लगने से बचाया। उनकी सतर्कता और सूझबूझ ने यात्री को घायल होने से बचा लिया। * नागपुर मंडल 11) रामसिंह सोनपुरे, केबिन मास्टर, मगर्दोह, नागपुर मंडल, दिनांक 09.11.2025 को ड्यूटी के दौरान, गुजर रही मालगाड़ी के साथ सिग्नल के आदान-प्रदान के दौरान, उन्होंने ब्रेक वैन से पहले दूसरे डिब्बे से धुआं निकलते देखा और कुछ जलने की गंध भी आई। उन्होंने तुरंत ट्रेन को रोकने के लिए खतरे का संकेत दिया। जांच में डिब्बे में एक गर्म धुरी (हॉट एक्सेल) पाई गई। उनकी सतर्कता और पैनी नजर ने एक संभावित दुर्घटना को टालने में मदद की। महाप्रबंधक ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और उनकी सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनका उदाहरण अन्य लोगों को यात्री संरक्षा सुनिश्चित करने और जीवन, माल और रेलवे संपत्तियों की रक्षा करने के लिए प्रेरित करेगा। इस अवसर पर अपर महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी, प्रधान मुख्य संरक्षा अधिकारी चंद्र किशोर प्रसाद, अन्य प्रधान विभागाध्यक्ष और मध्य रेल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। संतोष झा- ०७ जनवरी/२०२६/ईएमएस