ज़रा हटके
08-Jan-2026
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-दुनिया भर में ड्रैगन मिलिपीड की 84 प्रजातियां हैं जिन्हें आठ समूहों में बांटा बैंकाक,(ईएमएस)। थाईलैंड में खुदाई कर रहे वैज्ञानिकों को फा डेंग गुफा में काम कर रही एक रिसर्च टीम ने ड्रैगन मिलिपीड की दो ऐसी प्रजातियों की पहचान की है, जो इससे पहले विज्ञान की दुनिया में दर्ज ही नहीं थीं। इन मिलिपीड्स को ‘ड्रैगन’ नाम उनके अनोखे और रहस्यमय रूप की वजह से मिला है। ये जीव करीब एक इंच लंबे होते हैं और इनके शरीर के हर हिस्से पर नुकीले कांटेदार उभार होते हैं। लंबी टांगों और शरीर के दोनों ओर उभरे स्पाइक्स इन्हें एशियाई पौराणिक कथाओं में वर्णित ड्रैगन जैसा रूप देते हैं। पहली नजर में ही ये जीव किसी फंतासी दुनिया से निकले प्रतीत होते हैं। वैज्ञानिकों ने इन नई प्रजातियों में से एक का नाम ‘प्रिंसेस ड्रैगन मिलिपीड’ रखा है। यह नाम थाईलैंड की राजकुमारी प्रिंसेस महा चक्री सिरिनधोर्न के सम्मान में दिया गया है, जिन्होंने देश में वैज्ञानिक अनुसंधान और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इन मिलिपीड्स को खोज पाना आसान नहीं था। शोधकर्ताओं को गुफा के अंदर ऊंची चट्टानों पर चढ़ना पड़ा, जहां नमी और कैल्शियम से भरपूर सतहों पर ये जीव रहते हैं। फिलहाल फा डेंग केव ही इन प्रजातियों का एकमात्र ज्ञात आवास माना जा रहा है, जिससे इनकी दुर्लभता और भी बढ़ जाती है। नई प्रजाति की पुष्टि के लिए वैज्ञानिकों ने माइक्रोस्कोपिक जांच के साथ-साथ डीएनए परीक्षण का सहारा लिया। शरीर और टांगों से लिए गए ऊतक नमूनों के आनुवंशिक विश्लेषण से पता चला कि ये मिलिपीड्स अपने सबसे करीबी ज्ञात रिश्तेदारों से 10 से 18 फीसदी तक अलग हैं। यही अंतर इन्हें एक अलग और नई प्रजाति के रूप में स्थापित करता है। इस खोज का विवरण साल 2025 में वैज्ञानिक जर्नल ट्रॉपिकल नैचुरल हिस्ट्री में प्रकाशित किया गया। इसमें बताया गया है कि ये मिलीपीड करीब एक इंच लंबे होते हैं, जिनके शरीर के 20 खंडों पर कांटेदार उभार और लंबे पैर होते हैं, जो इन्हें सर्पनुमा ड्रैगन जैसा स्वरूप देती हैं। इनका रंग गहरा भूरा है, जो गुफा की नम चट्टानों से मेल खाता है, जिससे ये छिपकर रहते हैं। गुफा का स्थिर तापमान और नमी इनके लिए आदर्श आवास प्रदान करती है। अब तक दुनिया भर में ड्रैगन मिलिपीड की 84 प्रजातियों को दर्ज किया जा चुका है, जिन्हें आठ अलग-अलग समूहों में बांटा गया है। पिछले एक दशक में आधुनिक लैब तकनीकों की मदद से नई प्रजातियों की पहचान की रफ्तार तेज हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी नई प्रजाति की खोज न केवल जैव विविधता के स्वस्थ होने का संकेत है, बल्कि इससे उस क्षेत्र में संरक्षण प्रयासों को भी मजबूती मिलती है। यह खोज थाईलैंड की गुफाओं में छिपी जैव विविधता को समझने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। सिराज/ईएमएस 08 जनवरी 2026