खेल
08-Jan-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर टीम के टेस्ट क्रिकेट में खराब प्रदर्शन के बाद से ही दबाव में है। इसके बाद भी टीम के लिए प्रारुप के अनुसार अलग-अलग कोच रखे जाने का उन्होंने विरोध किया है। वहीं दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह भी इस मामले में गंभीर से सहमत हैं। हरभजन ने गंभीर का समर्थन करते हुए कहा कि अभी प्रारुपों के अनुसार अलग कोच की जरुरत नहीं है। हरभजन ने कहा, ‘भारत का कोच बनना बहुत आसान काम नहीं है। कोच बनने के लिए आपको टीम के साथ पूरे साल सफर करना पड़ता है और आपको खेल में अपने को झौंक देना पड़ता है। कई सारी टीमों का चयन होता है और आपको मैच के परिणामों पर भी ध्यान देना होत है।’ हरभजन ने कहा, हमारी परंपरा है कि जब टीम अच्छा खेल रही होती है तो सब शांत रहते हैं पर जैसे ही टीम खराब खेलने लगे, हम सभी कोच बन जाते हैं। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि भविष्य में अलग-अलग कोच की जरूरत पड़े पर अभी इसकी जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हर किसी को धैर्य रखने की जरूरत है। अभी सफेद गेंद के लिए अलग और ला गेंद के लिए अलग कोच की जरूरत नहीं है। अगर आगे इसकी जरूरत पड़ी तो निश्चित तौर पर ऐसा किया जाएगा। इसमें कुछ भी गलत नहीं है।’ गंभीर के कार्यकाल में टीम इंडिया पहले न्यूजीलैंड और उसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सभी मैच घरेलू धरती पर हारी उससे भी उनके खिलाफ माहौल बना है हालांकि खेल में ऐसा होता रहता है। हरभजन से पहले आर अश्विन ने भी गंभीर का समर्थन करते हुए कहा था कि कोच सबकुछ नहीं कर सकता। मैदान में खिलाड़ियों को ही खेलना होता है। गिरजा/ईएमएस 08 जनवरी 2026