सेंसेक्स 780 अंक, निफ्टी 263 अंक नीचे आया निवेशकों के 4 दिन में 7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूबे मुम्बई (ईएमएस)। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट रही। बाजार में ये गिरावट दुनिया भर से मिले-जुले संकतों के साथ ही बिकवाली हावी रहने से आई है। दिन भर के कारोबार के बाद 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 780.18 अंक नीचे आकर 84,180.96 पर बंद हुआ जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 263.90 अंक फिसलकर 25,876.85 पर पहुंच गया। वहीं एक रिपोर्ट के अनुसार , निवेशकों के 4 दिन में ही 7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूब गये। बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 4 दिन में 7.19 लाख करोड़ रुपये नीचे आकर 474 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से , टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और ट्रेंट के शेयरों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। वहीं आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर लाभ में रहे। आज वेदांता के शेयरों में सबसे अधिक 3.01 फीसदी की गिरावट रही और ये 603.55 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। बाजार जानकारों के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुस से तेल खरीदने पर 500 फीसदी शुल्क लगाने वाले बिल को लेकर भी निवेशकों में घबराहट है ओर वे बाजार से दूरी बनाये हुए हैं। यह, साथ ही अमेरिका-भारत व्यापार समझौते के संबंध में कोई ठोस घोषणा न होने से, निवेशक घबरा रहे हैं। इससे भी बाजार गिरा है। इसी कारण बाजार में लगातार चौथे दिन गिरावट रही है। पिछले 4 दिन में ही सेंसेक्स में 1565 अंक से ज्यादा की गिरावट आई है। वहीं, निफ्टी 50 में 1.70 फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। सरकार की तरफ से कई कदम उठाए जाने के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार से रकम निकालते जा रहे हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों की तरफ से कोई समर्थन न मिलने की वजह से गुरुवार को बाजार में गिरावट देखने को मिली। कमोडिटी कीमतों में भी गिरावट आई, जिससे कमोडिटी स्टॉक्स में बिकवाली देखने को मिली। हिन्दुस्तान जिंक के शेयर गुरुवार को 6 फीसदी से ज्यादा गिरे हैं। पिछले 6 महीने में कंपनी के शेयरों में एक दिन में आई यह सबसे बड़ी गिरावट है। रूस प्रतिबंध अधिनियम ने नए सिरे से ट्रेड वार का डर खड़ा कर दिया है। बिल में रूस से क्रूड ऑयल का आयात करने वाले देशों पर कम से कम 500 फीसदी तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। मेगाकैप स्टॉक्स में गुरुवार को भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। एचडीएफसी बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में गिरावट आई। इस हफ्ते की शुरुआत में इन दोनों दिग्गज स्टॉक्स में 4 फीसदी तक की गिरावट आई थी। इससे पहले आज सुबह बाजार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ खुले। सुबह बीएसई सेंसेक्स 100 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ 84,778.02 के स्तर पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी कमजोरी के साथ 26,106 के स्तर पर खुला और खुलते ही 26,100 के नीचे फिसल गया।बाजार में फिलहाल चुनिंदा शेयरों में ही गतिविधि देखने को मिल रही है। वैश्विक स्तर पर बाजारों की नजर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वेनेजुएला से जुड़े हालिया कदमों पर टिकी हुई है। इससे कच्चे तेल और उभरते बाजारों की धारणा प्रभावित हो सकती है। इन्हीं अनिश्चितताओं के चलते भारतीय बाजार में भी फिलहाल सतर्कता और दबाव का माहौल बना हुआ है। एशिया बाजारों में मिला-जुला कारोबार- एशिया के शेयर बाजारों में गुरुवार को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। अमेरिका में बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे। एशिया में जापान का प्रमुख इंडेक्स निक्केई 225 करीब 0.46 फीसदी उछला। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.12 फीसदी की बढ़त में रहा, जबकि ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 करीब 0.21 फीसदी ऊपर कारोबार करता दिखा। वहीं, शुरुआती एशियाई कारोबार में अमेरिकी शेयर फ्यूचर्स लगभग स्थिर रहे। अमेरिकी शेयर बाजारों में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। एसएंडपी 500 और डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज ने अपनी तीन दिन की तेजी की तोड़ दी और क्रमशः 0.3 फीसदी और 0.6 फीसदी नीचे बंद हुए। हालांकि, टेक्नोलॉजी शेयरों के दम पर नैस्डैक कंपोजिट में करीब 0.2 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। ईएमएस 08 जनवरी 2026