*मेले का स्वरूप और श्रद्धालुओं की संख्या मैं होगी बढ़ोतरी* तेंदूखेड़ा (ईएमएस)। मां नर्मदा अंचल क्षेत्र के अंतर्गत भगवान ब्रह्मा जी की तपस्या स्थल ब्रह्मांड घाट में चार दिन बाद 12 जनवरी से 2 फरवरी तक के ऐतिहासिक ब्रह्मांड घाट मेला प्रारंभ हो जाएगा क्योंकि हर वर्ष मुख्य रूप से देखा गया है कि शाम 6:00 बजे के बाद अधिकतम 7:00 बजे तक विशेष प्रमुख पर्व को छोडक़र मेला में एकदम सुनसान और शांत वातावरण हो जाता है चहल पहल बंद हो जाती है जिसके कारण व्यापार मात्र दोपहर लगभग 11:00 लगभग से 12:00 बजे से प्रारंभ होकर शाम लगभग 6:00 बजे तक 6 से 7 घंटा तक ही चलता है और श्रद्धालुओं को भी जो ब्रह्मांड घाट मेले में आए हुए हैं उनको भी नीरसता लगती है जबकि यह देखा गया है कि अन्य मेलों में शाम के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं किंतु मां नर्मदा जयंती को छोडक़र यह कार्यक्रम नहीं होता है मेला मैं आसपास के ग्रामीण जन आते ही शाम को वापस घर बाहनों सेचले जाते हैं किंतु जो दूर-दूर से विशेष कर बुंदेलखंड अंचल के श्रद्धालु आते हैं और 1 से 2 दिन तकऔर रात्रि रुकते हैं उनके लिए यदि यह नया आयाम प्रारंभ हो जाता है तो निश्चित ही मेले को और बेहतर स्वरूप दे सकेगा साथ श्रद्धालुओं को भी लाभ होगा रात में 10:00 बजे तक प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम हो सकते है इससे मेले का व्यापार भी कुछ बढ़ेगा और वर्तमान परिवेश से संबंधित और स्कूलों के सांस्कृतिक कार्यक्रम रात अधिकतम 10:00 के पहले तक मां नर्मदा जी के किनारे मैया की मां आरती होती है उसे मंच के पास यदि किया जाए तो बेहतर रहेगा और अपमान नर्मदा जी की आरती का मंच भी बेहतर बन रहा है नरसिंहपुर जिले के कलेक्टर मैडम जी जो की मेला समिति की अध्यक्ष है और जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जो कि इस वर्ष मेले में काफी रुचि लेकर बेहतर व्यवस्थाएं देख रहे हैं उनसे आग्रह है कृप्या यदि जिम्मेदारी से ध्यान दिया गया तो बेहतर रहेगा रात्रि कालीन संस्कृतिकार्यक्रम क्षेत्र के अलग-अलग स्कूलों या अन्य मंच के माध्यम से अलग-अलग अन्य संगठनों के माध्यम से अलग-अलग रहेगी तो कार्यक्रम की धूम भी रहेगी ईएमएस/मोहने/ 08 जनवरी 2026