अंतर्राष्ट्रीय
09-Jan-2026


पुलिसकर्मी की हत्या, अब तक 45 की मौत तेहरान(ईएमएस)। ईरान में महंगाई के खिलाफ 13 दिनों से चल रहे प्रदर्शन के बीच गुरुवार रात को हालात और खराब हो गए। देशभर में 100 से ज्यादा शहरों में प्रदर्शन फैल चुका है। प्रदर्शनकारियों ने सडक़ें ब्लॉक कीं, आग लगाई। लोग खामेनेई को मौत और इस्लामिक रिपब्लिक का अंत हुआ जैसे नारे लगाए। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारी क्राउन प्रिंस रजा पहलवी के समर्थन में रहे। उन्होंने कि यह आखिरी लड़ाई है, शाह पहलवी लौटेंगे के नारे लगाए। अमेरिकी ह्यूमन राइट एजेंसी के मुताबिक, प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा में अब तक 45 लोग मारे गए हैं, जिनमें 8 बच्चे शामिल हैं। एक पुलिस अधिकारी की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। जबकि 2,270 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है। देशभर में इंटरनेट और फोन सेवाएं फिलहाल बंद कर दी गई हैं। तेहरान एयरपोर्ट को भी बंद कर दिया गया है और सेना को अलर्ट पर रखा गया है। तेहरान में बाजार बंद रहे, छात्रों ने यूनिवर्सिटी कैंपस पर कब्जा किया। इसके तुरंत बाद सरकार ने पूरे देश में इंटरनेट और फोन लाइनें काट दीं। इसे इंटरनेट वॉचडॉग नेटब्लॉक्स ने हिंसक दमन की तैयारी बताया। फिर भी कुछ लोग स्टारलिंक से वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। स्टारलिंक, इलॉन मस्क की इंटरनेट सर्विस है, जो सैटेलाइट से ऑपरेट होती है। प्रदर्शन और तेज हो गए जब निर्वासित प्रिंस रजा पहलवी ने गुरुवार को लोगों से सडक़ों पर उतरने की अपील की। रजा पहलवी ईरान के आखिरी शाह मोहम्मद रजा पहलवी के बेटे हैं। उनके पिता 1979 की इस्लामिक क्रांति के दौरान सत्ता से हटाए गए थे। युवराज पहलवी अभी अमेरिका में रह रहे हैं। ट्रम्प की धमकी- प्रदर्शनकारियों को मारा, तो हमला करेंगे इस अशांति के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने फिर धमकी दी है कि अगर प्रदर्शनकारियों को मारा गया तो अमेरिका, ईरान पर हमला करेगा। ट्रम्प ने कहा कि मैंने उन्हें बता दिया है कि अगर वे लोगों को मारना शुरू करते हैं, जैसा कि वे अपने दंगों में अक्सर करते हैं, तो हम उन्हें बहुत जोरदार तरीके से निशाना बनाएंगे। ईरान में महंगाई से आम लोगों में नाराजगी बढ़ी देशभर में जेन जी आक्रोश में है। इसका कारण आर्थिक बदहाली रहा है। दिसंबर 2025 में ईरानी मुद्रा रियाल गिरकर करीब 1.45 मिलियन प्रति अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। साल की शुरुआत से रियाल की कीमत लगभग आधी हो चुकी है। यहां महंगाई चरम पर पहुंच गई है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 72 प्रतिशत और दवाओं की कीमतों में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके अलावा सरकार द्वारा 2026 के बजट में 62 प्रतिशत टैक्स बढ़ाने के प्रस्ताव ने आम लोगों में भारी नाराजगी पैदा कर दी है। क्राउन प्रिंस को सत्ता सौंपने की मांग ईरान में 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी सत्ता में आए। वे 1979 से 1989 तक 10 साल सुप्रीम लीडर रहे। उनके बाद सुप्रीम लीडर बने अयातुल्ला अली खामेनेई 1989 से अब तक 37 साल से सत्ता में हैं। ईरान आज आर्थिक संकट, भारी महंगाई, अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों, बेरोजगारी, मुद्रा गिरावट और लगातार जन आंदोलनों जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। 47 साल बाद अब मौजूदा आर्थिक बदहाली और सख्त धार्मिक शासन से नाराज लोग अब बदलाव चाहते हैं। इसी कारण 65 वर्षीय क्राउन प्रिंस रजा पहलवी को सत्ता सौंपने की मांग उठ रही है। प्रदर्शनकारी उन्हें एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक विकल्प मानते हैं। युवाओं और जेन जी को लगता है कि पहलवी की वापसी से ईरान को आर्थिक स्थिरता, वैश्विक स्वीकार्यता और व्यक्तिगत आजादी मिल सकती है। विनोद उपाध्याय / 09 जनवरी, 2026