:: नारकोटिक्स विंग डीआईजी ने जारी किए आदेश; मुख्य सरगना नौशाद पर 20 हजार और अन्य पर 10-10 हजार का ईनाम :: इंदौर (ईएमएस)। नारकोटिक्स विंग इंदौर ने नीमच जिले में अवैध रूप से एमडी ड्रग्स बनाने वाली फैक्ट्री के भंडाफोड़ मामले में बड़ी कार्रवाई की है। घटना के बाद से फरार चल रहे तीन मुख्य सप्लायरों पर उप पुलिस महानिरीक्षक (डीआईजी) महेश चंद जैन ने ईनामी राशि की घोषणा की है। पुलिस इन आरोपियों की तलाश में जुटी है, जिन्होंने ड्रग्स बनाने के लिए केमिकल और कच्चे माल की आपूर्ति की थी। :: फैक्ट्री सप्लायरों पर कसता शिकंजा :: नारकोटिक्स विंग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मुख्य फरार आरोपी नौशाद खां (सोनगिरी, मंदसौर) पर 20 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया गया है। वहीं, उसके साथी मोहसिन हुसैन (सोनगिरी, मंदसौर) और चैनाराम जाट (जोधपुर, राजस्थान) पर 10-10 हजार रुपये की ईनामी राशि घोषित की गई है। ये तीनों आरोपी पुलिस की दबिश के बाद से ही अपनी पहचान छिपाकर फरार हैं। :: दबिश में मिला था करोड़ों का माल :: मामले का खुलासा 28 नवंबर 2025 को हुआ था, जब नारकोटिक्स विंग ने नीमच के ग्राम लसूडिया इस्तमुरार में अवैध ड्रग्स फैक्ट्री पर छापा मारा था। पुलिस ने मौके से 2 किलो 700 ग्राम ठोस एमडी और 17 किलो 750 ग्राम तरल एमडी सहित भारी मात्रा में केमिकल, मशीनें और उपकरण जब्त किए थे। मौके से निरंजन बंजारा, अर्जुन गरासिया और रमेश गरासिया को गिरफ्तार किया गया था। :: विवेचना में हुए चौंकाने वाले खुलासे :: पुलिस विवेचना में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों को ड्रग्स बनाने का कच्चा माल और केमिकल नौशाद, मोहसिन और चैनाराम जाट ने ही उपलब्ध कराया था। ड्रग्स के परिवहन में शामिल रफीक मैवाती को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने सभी फरार आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/29 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। डीआईजी ने आम जनता से अपील की है कि इन अपराधियों के संबंध में सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। प्रकाश/9 जनवरी 2025