राष्ट्रीय
11-Jan-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत में करीब 86 प्रतिशत लोग सोने और आभूषणों (ज्वैलरी) को संपत्ति बनाने का अच्छा साधन मानते हैं। यह संख्या करीब म्यूचुअल फंड और शेयरों जैसे बाजार से जुड़े निवेश विकल्पों के बराबर है, जिन्हें 87 प्रतिशत लोग पसंद करते हैं। इससे साफ है कि सोने-चांदी के गहनों की अहमियत आज भी बहुत ज्यादा है। डेलॉइट इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का ज्वैलरी मार्केट तेजी से बदल रहा है। अब लोग आभूषणों को सिर्फ शादी या परंपरा से नहीं जोड़ते, बल्कि अपनी पहचान, जीवनशैली और रोजमर्रा के पहनावे का हिस्सा मानते हैं। रिपोर्ट में बताया गया 56 प्रतिशत लोग ज्वैलरी को, निवेश और फैशन, दोनों के रूप में देखते हैं। वहीं, 28 प्रतिशत लोग केवल निवेश के रूप में गहने खरीदते हैं। इससे पता चलता है कि आभूषणों की भूमिका अब सिर्फ सेविंग्स तक सीमित नहीं रही। रिपोर्ट के अनुसार, पुरुष और 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोग आभूषणों को ज्यादा निवेश के रूप में खरीदते हैं। वहीं, युवा वर्ग गहनों में स्टाइल, अपने हिसाब से डिजाइन और अलग-अलग तरह से पहनने की सुविधा को महत्व देता है। रिपोर्ट के मुताबिक, जेनजी और युवा पीढ़ी तेजी से हल्के और रोज पहनने वाले गहनों को पंसद कर रही है। 51 प्रतिशत जेनजी को चांदी और 34 प्रतिशत को प्लेटिनम वाली ज्वैलरी भा रही है। करीब 49 प्रतिशत लोग हल्के और सादे गहनों को भारी और ज्यादा सजावटी गहनों से ज्यादा पसंद करते हैं। रिपोर्ट में कहा गया हैं कि 45 प्रतिशत जेनजी और युवा सिल्वर की ज्वैलरी में निवेश करना पसंद करते हैं। इसकी वजह है अच्छा डिजाइन, कम कीमत और आसानी से खरीदना। अब चांदी को सोने के साथ रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए भी चुना जा रहा है। डेलॉइट इंडिया के अनुसार, पहले भारत में लगभग 70 प्रतिशत गहने शादियों के लिए खरीदे जाते थे, लेकिन अब यह समीकरण बदल रहा है। युवा जन्मदिन और सालगिरह (38 प्रतिशत), रोजाना और ऑफिस में पहनने वाले परिधान (32 प्रतिशत) और पदोन्नति व पढ़ाई जैसी करियर संबंधी उपलब्धियों के लिए आभूषण खरीदते हैं। आशीष/ईएमएस 11 जनवरी 2026