राष्ट्रीय
11-Jan-2026
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-नए मामलों में से 70.4 फीसदी में संक्रमण का कारण यौन संबंध मिजोरम,(ईएमएस)। राज्य में निवारक उपायों में सुधार के बावजूद वयस्कों में एचआईवी प्रसार दर देश में सबसे ज्यादा 2.75 फीसदी है, जो राष्ट्रीय औसत 0.20 फीसदी से ज्यादा है। मिजोरम राज्य एड्स नियंत्रण सोसाइटी की परियोजना निदेशक ने कहा कि राज्य में 2018 से एचआईवी संक्रमण के नए मामलों में गिरावट आई है। उन्होंने बताया कि मिजोरम राष्ट्रीय एचआईवी रोकथाम रैंकिंग में 2025-26 में दो पायदान चढ़कर तीसरे स्थान पर आ गया है जबकि 2024-25 में यह पांचवें स्थान पर था। मीडिया रिपोर्ट में राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के मुताबिक एड्स निवारक उपायों और इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के मामले में मिजोरम ने अभूतपूर्व प्रगति की है। नए एचआईवी संक्रमण मामलों में साल 2018 से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस सकारात्मक रुझान के बावजूद मिजोरम अब भी देश में सबसे ज्यादा वयस्क एचआईवी प्रसार दर (2.75 फीसदी) वाला राज्य बना हुआ है, जो 0.20 फीसदी के राष्ट्रीय औसत से कहीं ज्यादा है। निदेशक ने बताया कि अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच 1.4 लाख से ज्यादा रक्त नमूनों का परीक्षण किया गया, जिनमें से कम से कम 3,257 में एचआईवी संक्रमण की पुष्टि हुई। इन संक्रमित व्यक्तियों में 179 गर्भवती महिलाओं समेत 953 महिलाएं शामिल थीं। उन्होंने बताया कि एचआईवी के सबसे ज्यादा मामले 25-34 साल के आयु वर्ग में पाए गए। मिजोरम में एचआईवी का पहला मामला अक्टूबर 1990 में सामने आया था और अब तक कुल 33,781 मामले सामने आ चुके हैं। एमएसएसीएस के एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल राज्य में करीब 26,321 लोग एचआईवी से संक्रमित हैं। वहीं निदेशक ने जानकारी दी कि अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के बीच सामने आए 3,257 नए एचआईवी मामलों में से 70.4 फीसदी में संक्रमण का कारण यौन संबंध था। उन्होंने बताया कि इसके अलावा मादक पदार्थों का सेवन करने और कई लोगों द्वारा एक ही सुई से इंजेक्शन लगाने के कारण 27.3 फीसदी, माता-पिता से बच्चों में संक्रमण फैलने के 1.8 फीसदी और अज्ञात कारणों से संक्रमण फैलने के 0.8 फीसदी मामले सामने आए हैं। वहीं स्वास्थ्य मंत्री लालरिनपुई ने कहा कि राज्य सरकार एचआईवी संक्रमण की उच्च दर को नियंत्रित करने के लिए कई ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि मिजोरम में 14 एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां 18,355 संक्रमित मरीजों को मुफ्त उपचार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार अब गिरजाघरों के साथ मिलकर विवाह से पहले एचआईवी का परीक्षण कराने के लिए जागरूकता फैलाने पर विचार कर रही है ताकि लोग अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सतर्क और जिम्मेदार बन सकें। सिराज/ईएमएस 11 जनवरी 2026