कोलकाता,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के काफिले पर शनिवार रात पश्चिम मेदिनीपुर के चंद्रकोना इलाके में हिंसक हमला हुआ। यह घटना उस समय हुई जब अधिकारी पुरुलिया में एक जनसभा को संबोधित करने के बाद अपने निर्वाचन क्षेत्र नंदीग्राम लौट रहे थे। आरोप है कि गरबेटा थाना क्षेत्र के चंद्रकोना रोड बाजार के पास तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के एक समूह ने उनके काफिले को रोक लिया और उन पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और भाजपा कार्यकर्ताओं के अनुसार, रात करीब 8:20 से 8:30 बजे के बीच जब काफिला चौराहे पर पहुँचा, तो वहां पहले से मौजूद भीड़ ने रास्ता रोक लिया। भाजपा का आरोप है कि हमलावरों ने बांस की लाठियों और डंडों से शुभेंदु अधिकारी की गाड़ी पर प्रहार किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर नारेबाजी हुई और स्थिति झड़प में बदल गई। बताया जा रहा है कि यह हंगामा सड़क पर करीब एक घंटे तक चलता रहा। शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि इस पूरी घटना के दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही और उपद्रवियों को रोकने के लिए कोई ठोस हस्तक्षेप नहीं किया। घटना से आक्रोशित शुभेंदु अधिकारी ने तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए चंद्रकोना रोड पुलिस चौकी के अंदर ही जमीन पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक हमले के दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, वे पुलिस परिसर से बाहर नहीं निकलेंगे। उन्होंने अपने समर्थकों और एक वकील की मदद से पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। अधिकारी ने सोशल मीडिया के माध्यम से आरोप लगाया कि यह हमला पूरी तरह सुनियोजित था और पुलिस की मौजूदगी में अंजाम दिया गया। उन्होंने इसे राज्य में गिरती कानून-व्यवस्था का प्रमाण बताया। इस घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर प्रहार बताया है। नेताओं का कहना है कि पश्चिम बंगाल में विपक्षी नेताओं की सुरक्षा खतरे में है और पुलिस प्रशासन सत्ताधारी दल के एजेंट के रूप में काम कर रहा है। आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री के शासन में पुलिस तंत्र पूरी तरह अक्षम और पक्षपाती हो चुका है। दूसरी ओर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है ताकि घटना की असलियत का पता लगाया जा सके। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती है और मामला गर्माया हुआ है। वीरेंद्र/ईएमएस/11जनवरी2026