राष्ट्रीय
13-Jan-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। भारत सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकारों को मजबूत करने के लिए अस्पतालों के बिलों का एक बिलिंग फॉर्मेट जारी किया है। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस के मौके पर आईएस 19493: 2025 नाम का नया भारतीय मानक जारी किया। अब सभी स्वास्थ्य संस्थानों के लिए आइटम-हिसाब बिलिंग जरूरी होगी, जिसमें रूम रेंट, डॉक्टर परामर्श, दवाओं और इलाज के पैकेज की विस्तृत जानकारी बतानी होगी। केंद्र सरकार के द्वारा पेश नया नियम अस्पतालों, नर्सिंग होम और डायग्नोस्टिक सेंटरों सहित सभी स्वास्थ्य सुविधाओं पर लागू होगा। बिलों को पढ़ने में आसान बनाने के लिए स्पष्ट शब्दों का उपयोग और डिजिटल व फिजिकल दोनों रूपों में उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (बीएसआई) द्वारा तैयार पहल का अहम मकसद बिलिंग विवादों को कम करना और मरीजों का स्वास्थ्य सेवाओं पर भरोसा बढ़ाना है। नए मानक के मुताबिक, अस्पतालों को अब मरीज की पहचान, शुल्कों का सारांश और हर सेवा की विस्तृत सूची देनी होगी। इसमें रूम रेंट, मेडिकल कंसल्टेशन, डायग्नोस्टिक्स, दवाओं और उपभोग की वस्तुओं का अलग-अलग विवरण देना होगा। इसके अलावा, टैक्स, इंश्योरेंस कवरेज, पेमेंट मोड और ऑथोराइजेशन की जानकारी भी बिल का हिस्सा होगी। केंद्र सरकार ने इसके लिए नमूना फॉर्मेट भी जारी किए हैं ताकि अस्पताल इन्हें आसानी से लागू कर सकें। अक्सर मरीजों को अस्पताल के बिलों की भाषा और शब्दों को समझने में दिक्कत होती थी। इस परेशानी को दूर करने के लिए आईएस 19493: 2025 में स्पष्ट शब्द और पठनीय फॉर्मेट के विशिष्ट नियम बनाए गए हैं। अब अस्पतालों को बिल न केवल कागज पर, बल्कि डिजिटल मोड में भी उपलब्ध करना होगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और मरीजों के पास अपने खर्चों का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित होगा। इस महत्वपूर्ण मानक को बीआईएस की हेल्थ, फिटनेस एंड स्पोर्ट्स सर्विसेज सेक्शनल कमेटी ने व्यापक विचार-विमर्श के बाद तैयार किया है। इसमें एम्स (एम्स), स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस), एनएबीएच (एनएबीएच) और सीआईआई (सीआईआई) जैसे प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों ने अपना योगदान दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि गैर-समान बिलिंग प्रक्रिया ही विवादों की मुख्य जड़ थी, जिसे अब दूर कर लिया जाएगा। आशीष दुबे / 13 जनवरी 2026