11-Jan-2026
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मुंबई,(ईएमएस)। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार ने पार्टी एकजुटता, गठबंधन और राज्य की राजनीति को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि मीडिया अक्सर एनसीपी के दोनों धड़ों के साथ आने के मुद्दे को लेकर अलग-अलग अनुमान लगाता है, लेकिन अभी तक इस पर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है। डिप्टी सीएम अजित पवार ने बताया कि पुणे के कई कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि एनसीपी के दोनों धड़े एक साथ आते हैं, तो राजनीतिक रूप से इसका फायदा होगा और वोटों का बंटवारा नहीं होगा। इसी संदर्भ में उन्होंने सुप्रिया सुले और शशिकांत शिंदे से फोन पर बातचीत की थी, और दोनों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। उन्होंने कहा कि शरद पवार के पार्टी एनसीपी (एसपी) के कुछ विधायक और सांसद उनसे मिलकर कहते हैं कि अब साथ आ जाना चाहिए क्योंकि उन्हें फंड्स नहीं मिल पा रहे हैं। पवार ने यह भी स्पष्ट किया कि पहले विपक्ष में बैठकर भी काम आसानी से हो जाते थे, लेकिन लगातार पांच-पांच साल विपक्ष में रहने के बाद स्थिति बदल गई है। राज्य के 29 नगर निगमों में अलग-अलग राजनीतिक समीकरण देखने को मिल रहे हैं। अजित पवार ने कहा कि कहीं कोई पार्टी एआईएमआईएम के साथ गई है, तो कहीं किसी और दल के साथ गठबंधन हुआ है। बीजेपी नेताओं द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने नाम से जुड़ी चर्चाओं को केंद्रीय और राज्य हाईकमान के साथ साझा कर लिया है और अन्य नेताओं की बातों को ज्यादा महत्व नहीं देते। भ्रष्टाचार मामलों में एनसीपी मंत्री के इस्तीफे पर उन्होंने कहा कि मामला अदालत में होने के कारण माणिकराव कोकाटे ने इस्तीफा दिया। वहीं, धनंजय मुंडे के मामले में मुख्यमंत्री ने जांच बैठाई है, लेकिन रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। अजित पवार ने कहा कि 1999 से महाराष्ट्र में विभिन्न तरह की सरकारें और गठबंधन बनते रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि घोषणापत्र की समयसीमा जून 2026 तक तय की गई है और योजनाओं को बंद करने का कोई इरादा नहीं है। फिलहाल एनसीपी गठबंधन के साथ ही चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। हिदायत/ईएमएस 11जनवरी26