क्वालालंम्पुर (ईएमएस)। मलेशिया के पेनांग में रहने वाली एक महिला ने ऑनलाइन पारंपरिक मिठाई ऑर्डर करने पर साइबर धोखाधडी की शिकार हो गई। एक अनजान व्हाट्सएप लिंक के जरिए ऐप डाउनलोड करना उसकी सबसे बड़ी भूल साबित हुई, जिसके चलते उसके बैंक खाते से एक लाख रुपये से ज्यादा की रकम साफ हो गई। दरअसल, महिला ने किसी वेरिफाइड फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म से ऑर्डर करने की बजाय व्हाट्सएप पर आए एक लिंक पर भरोसा कर लिया। लिंक भेजने वाले ने उसे बताया कि एक खास ऐप डाउनलोड करके वह आसानी से न्योन्या कुइह ऑर्डर कर सकती है। बिना किसी जांच-पड़ताल के महिला ने उस लिंक से ऐप इंस्टॉल कर लिया। ऐप डाउनलोड होने के कुछ ही समय बाद उसके बैंक अकाउंट से आरएम 5,000 यानी भारतीय मुद्रा में करीब 1 लाख 11 हजार रुपये गायब हो गए। जब महिला को इसका अहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस घटना के बाद महिला ने पेनांग पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। मामला इतना गंभीर था कि पेनांग के आईपीडी बारत डाया कमर्शियल क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट के प्रमुख एएसपी देवन रमन ने खुद पीड़िता से मुलाकात की और इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। वीडियो में पीड़िता रोते हुए बताती है कि वह सिर्फ स्वादिष्ट पारंपरिक मिठाई खरीदना चाहती थी, लेकिन अब उसके खाते में पैसे नहीं बचे और मानसिक शांति भी छिन गई है। एएसपी देवन रमन ने इस मौके पर चेतावनी दी कि ऐसे स्कैम अब बेहद आम हो गए हैं और लोग थोड़ी सी लापरवाही के चलते बड़ी रकम गंवा रहे हैं। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, स्कैमर्स सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर खासतौर पर फेसबुक पर न्योन्या पेस्ट्री जैसे लोकप्रिय खाने के आकर्षक विज्ञापन डालते हैं। इसके बाद वे लोगों से व्हाट्सएप पर संपर्क करते हैं और फर्जी ऐप डाउनलोड करने को कहते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति उस ऐप को इंस्टॉल करता है, स्कैमर्स को फोन की संवेदनशील जानकारियों और बैंक डिटेल्स तक पहुंच मिल जाती है। इसके बाद वे चुपचाप बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं और पीड़ित को तब पता चलता है, जब सब कुछ खत्म हो चुका होता है। न्योन्या कुइह मलेशिया की बेहद लोकप्रिय पारंपरिक मिठाइयों में गिनी जाती है। ये रंग-बिरंगी परतों वाली मिठाइयां पंडन, नारियल के दूध और चावल के आटे से बनाई जाती हैं और त्योहारों के दौरान इनकी मांग और भी बढ़ जाती है। ऑनलाइन ऑर्डर की बढ़ती प्रवृत्ति का फायदा उठाकर साइबर ठग लोगों को निशाना बना रहे हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे पहले भी इसी तरह के मामलों में कई लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा चुके हैं। एक बुजुर्ग व्यक्ति द्वारा आरएम 3,000 गंवाने का मामला भी सामने आ चुका है। पुलिस ने आम लोगों को सख्त चेतावनी दी है कि कभी भी अनजान व्हाट्सएप लिंक से ऐप डाउनलोड न करें। ऐप्स हमेशा गुगल प्ले स्टोर या एप्पल एप स्टोर जैसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ही इंस्टॉल करें। पीड़िता ने बताया कि फर्जी ऐप डाउनलोड करने के बाद उसके फोन में अजीब मैसेज आने लगे और बैंक अलर्ट्स भी बंद हो गए। जब उसने बैंक से संपर्क किया, तब पता चला कि पैसे पहले ही ट्रांसफर किए जा चुके हैं। दामा/ईएमएस 12 जनवरी 2026