श्रीनगर (ईएमएस)। जम्मू-कश्मीर छात्र एसोसिएशन (जेकेएसए) ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से ईरान से कश्मीरी छात्रों को निकालने में मदद मांगी। जेकेएसए ने आग्रह किया है कि वे ईरान में अध्ययनरत भारतीय छात्रों, विशेष रूप से कश्मीर घाटी के छात्रों की सुरक्षा, गरिमा और समग्र कल्याण सुनिश्चित करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप करें। जम्मू-कश्मीर छात्र एसोसिएशन ने कहा कि ईरान में जारी अशांति के कारण कश्मीरी छात्रों के माता-पिता बेहद परेशान और चिंतित हैं और उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा और भलाई के लिए डर सता रहा है। एसोसिएशन के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने सैकड़ों भारतीय छात्रों की स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की, जिनमें से अधिकांश जम्मू और कश्मीर के हैं। ये छात्र ईरान की सस्ती शिक्षा प्रणाली और भारत के साथ लंबे समय से चले आ रहे शैक्षणिक और जन-संबंधी संबंधों के कारण वहां एमबीबीएस और अन्य व्यावसायिक चिकित्सा पाठ्यक्रम कर रहे हैं। खुएहामी ने कहा कि कई माता-पिता पिछले चार दिनों से अपने बच्चों से संपर्क स्थापित नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। फोन कॉल कनेक्ट नहीं हो रहे हैं, मैसेजिंग सेवाएं बंद हैं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पूरी तरह से निष्क्रिय हो गए हैं, जिससे परिवारों में तीव्र मनोवैज्ञानिक तनाव पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि लगभग 2,000 कश्मीरी छात्र वर्तमान में ईरान के विभिन्न प्रांतों में स्थित मेडिकल विश्वविद्यालयों में नामांकित हैं और स्थानीय छात्रावासों, विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे, सार्वजनिक परिवहन और आवश्यक नागरिक सेवाओं पर निर्भर हैं। मौजूदा स्थिति ने कई छात्रों को असुरक्षित, असहाय और प्रभावी रूप से फंसा हुआ महसूस करने पर मजबूर कर दिया है। सुबोध/१२-०१-२०२६