अंतर्राष्ट्रीय
13-Jan-2026
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लंदन,(ईएमएस)। लंदन पुलिस का बेहद अमानवीय और कायरतापूर्ण रवैया सामने आया है। यहां एक 14 साल की बच्ची ग्रूमिंग गैंग के चंगुल में रही और दरिंदगी का शिकार होती रही। पुलिस से तमाम शिकायतें हुईं लेकिन डर के कारण कार्रवाई नहीं की गई। इसी बीच कुछ साहसी सिख युवकों ने बहादुरी दिखाते हुए इस बच्ची को गैंग से मुक्त कराने में सफलता हासिल की है। सिख समुदाय के सैकड़ों लोगों ने पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग के ठिकाने पर धावा बोला और एक 14 वर्षीय नाबालिग सिख लड़की को सुरक्षित मुक्त कराया। आरोप है कि इस मासूम बच्ची को अगवा कर एक फ्लैट में बंधक बनाया गया था, जहाँ कई दिनों तक उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म जैसा घृणित कृत्य किया गया। जानकारी के अनुसार, 14 साल की इस बच्ची को पाकिस्तानी मूल के एक युवक ने पहले ग्रूमिंग के जरिए अपने प्रेम जाल में फंसाया और फिर उसे अगवा कर वेस्ट लंदन के एक फ्लैट में ले गया। पीड़िता की आपबीती रूह कंपा देने वाली है। उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया था और गैंग के करीब 5-6 सदस्यों ने उसके साथ बार-बार दरिंदगी की। बच्ची ने जब भी वहां से भागने या विरोध करने की कोशिश की, उसे जान से मारने की धमकी देकर चुप करा दिया गया। इस पूरे मामले में स्थानीय सिख समुदाय ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। समुदाय का आरोप है कि घटना की प्रारंभिक जानकारी और औपचारिक शिकायत पुलिस को दी गई थी, लेकिन जब लंबे समय तक कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई या बचाव अभियान नहीं चलाया गया, तो समुदाय के लोगों ने खुद मोर्चा संभालने का कड़ा फैसला किया। देखते ही देखते आरोपी के फ्लैट के बाहर 200 से ज्यादा सिखों की भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने कई घंटों तक उस ठिकाने को घेरे रखा और आरोपियों के खिलाफ जमकर आक्रोश व्यक्त किया। भारी दबाव और समुदाय की अडिग इच्छाशक्ति के आगे आरोपियों को झुकना पड़ा और अंततः बच्ची को वहां से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ब्रिटेन में सक्रिय इन ग्रूमिंग गैंग्स का एक बेहद खतरनाक पैटर्न सामने आया है, जो वैश्विक स्तर पर चिंता का विषय बन गया है। ये गिरोह अक्सर 11 से 16 साल की उन बच्चियों को अपना सॉफ्ट टारगेट बनाते हैं जो सोशल मीडिया पर सक्रिय होती हैं या आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आती हैं। गिरोह के सदस्य पहले महंगे उपहारों, दोस्ती और शादी का झांसा देकर इन बच्चियों का भरोसा जीतते हैं और फिर उन्हें परिवार से दूर ले जाकर बंधक बना लेते हैं। इसके बाद शारीरिक शोषण, ब्लैकमेलिंग और व्यावसायिक इस्तेमाल का एक खौफनाक सिलसिला शुरू होता है। इस गंभीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय हस्तियों और कारोबारियों ने भी दुख व्यक्त करते हुए ब्रिटिश सरकार की सुरक्षा नीतियों पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय सिख प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि पुलिस इन आपराधिक गिरोहों के खिलाफ सख्त रुख अपनाती, तो उन्हें कानून हाथ में लेने की जरूरत नहीं पड़ती। फिलहाल, मुक्त कराई गई पीड़िता को सुरक्षित स्थान पर भेजकर उसका उपचार कराया जा रहा है, जबकि समुदाय के लोग सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग पर अड़े हुए हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/13जनवरी2026