क्षेत्रीय
13-Jan-2026
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- भारतीय दर्शन, ज्ञान परंपरा, भारतीय संस्कार को आत्मसात करने की आवश्यकता- शुक्ला - स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को स्वीकार कर राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे आए युवा- डॉ तिवारी बिलासपुर (ईएमएस)। डॉ सीवी रमन विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद की जयंती अवसर पर युवा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर एक दिवासीय व्याख्यान का आयोजन किया गया। जिसमें युवाओं ने स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को सुना और उनके जीवन से प्रेरणा ली। युवाओं ने अपने आचरण, व्यक्तित्व और देश प्रेम की भावना से नवीन भारत के निर्माण का संकल्प लिया। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित गुरुकुल आईएएस अकेडमी के डायरेक्टर बृजेंद्र शुक्ला ने कहा कि भारत माता की जय या कोई नारा नहीं है, यह एक मंत्र है। जिससे ऊर्जा का संचार होता है। यही ऊर्जा हमारे आचरण और व्यक्तित्व को उत्कृष्ट की ओर ले जाती है, हम देश प्रेम की भावना से ओतप्रोत होते हैं। उन्होंने कहा कि आज युवाओं को भारतीय दर्शन, भारतीय ज्ञान परंपरा ,भारतीय संस्कार, को आत्मसात करने की आवश्यकता है। इस अवसर पर उन्होंने स्वामी विवेकानंद के जीवन के अनेक पहलुओं को सभी से साझा किया। कार्यक्रम में उपस्थित विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ अरविंद तिवारी ने कहा, कि आज सबसे बड़ा संकट विखंडन का संकट है। सामाजिक, आर्थिक, जातिगत विचार में युवा विखंडन की ओर है। हमें विखंडन नहीं करना है। हमें स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को स्वीकार कर राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक होकर आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा, कि जब हम भारतीय ज्ञान परंपरा, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता को स्वीकार कर आगे बढ़ेंगे। तब हम विश्व नेतृत्व करेंगे। यह कार्य केवल युवा ही कर सकते हैं। इसलिए युवाओं को इस और जागरुक होकर इसे स्वीकार करना होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर प्रदीप घोष ने कहा, कि स्वामी विवेकानंद हमें धर्म ही नहीं मानवता की शिक्षा भी देते हैं। उन्होंने पूरी दुनिया को योग और वेदांत से जोडकऱ पूरे विश्व में जानकारी दी। विश्व में भारत में एक उत्कृष्ट राष्ट्र के रूप में स्थापित किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में स्वामी विवेकानंद से बड़ा आदर्श नहीं हो सकता। इसलिए युवा अपने जीवन का लक्ष्य करें। उसे प्राप्त करने के लिए दशा और दिशा तय करें। कड़ी मेहनत करें। इसके बाद कोई भी ऐसी ताकत नहीं जो आपको उसे लक्ष्य को प्राप्त करने से रोक सके। कार्यक्रम आभार प्रगट डीएसडब्ल्यू डॉ अभिषेक पाठक ने किया। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस समन्वयक डॉ जयशंकर यादव ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में एनसीसी, एनएसएस के विद्यार्थियों सहित विश्वविद्यालय के प्राध्यापक अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। वाद विवाद प्रतियोगिता पारस सिकरवार एवं भाषण में अंकित मिरी रहे प्रथम इस अवसर पर विश्वविद्यालय में वाद विवाद एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़ चढकऱ हिस्सा लिया। वाद विवाद प्रतियोगिता का विषय स्वदेशी बनाम विदेशी उत्पादन भारत में कौन अधिक उपयोगी विषय पर तय किया गया था। जिसमें प्रथम पुरस्कार बीए एलएलबी के छात्र पारस सिकरवार को प्राप्त हुआ। इसी तरह द्वितीय पुरस्कार बीएड के छात्र शुभम शर्मा को एवं तृतीय पुरस्कार बीएड के छात्र वैन सिंह को प्रदान किया गया। इसी तरह भाषण प्रतियोगिता का विषय विकसित भारत 2047 आत्मनिर्भर भारत में युवाओं की भूमिका विषय तय किया गया। इस अवसर पर प्रथम पुरस्कार एमबीए के छात्र अंकित मिरी को प्रदान किया गया। दूसरी पुरस्कार बीए एलएलबी के छात्र आशुतोष सोनी ने जीता। जबकि तृतीय पुरस्कार बीएड के छात्र देवानंद यादव को प्रदान किया गया। नशा मुक्ति और सडक़ सुरक्षताओं के लिए युवा आए आगे डॉ सी वी रमन विश्वविद्यालय में नशा मुक्ति अभियान का आगाज किया गया। इस दौरान युवाओं ने रैली निकालकर नशा के दुष्प्रभाव को बताया, और नशे से दूर रहने के लिए अपील की। युवा दिवस के अवसर पर सडक़ सुरक्षा माह की भी शुरुआत हुई। इस कार्यक्रम के अंतर्गत पूरे एक माह तक एनसीसी, एनएसएस के छात्र सडक़ सुरक्षा को लेकर अनेक माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाएंगे। इस दौरान अनेक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएगी। इस अवसर पर डॉ अभिषेक शुक्ला, डॉ ए के श्रीवास्तव ,डॉ अभिषेक पाठक,डॉ ब्राम्हेश श्रीवास्तव,के के पांडेय, एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट संदीप सिंह,डॉ मनीष मुखर्जी, सुशील श्रीवास, डॉ शाहिद हुसैन,डॉ विकास तिवारी,डॉ शाजिया खान हेमंत राजपूत उपस्थित रहे। मनोज राज/योगेश विश्वकर्मा 13 जनवरी 2026