क्षेत्रीय
13-Jan-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। प्रस्तावित नई ट्रेड लाइसेंस नीति को लेकर व्यापारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को कलेक्टर संजय अग्रवाल से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में छत्तीसगढ़ में ट्रेड लाइसेंस को अनिवार्य किए जाने का कड़ा विरोध करते हुए इसे व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ करार दिया गया और तत्काल वापस लेने की मांग की गई। कैट के राष्ट्रीय सचिव सतिश सलूजा (राजू) के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में कहा गया कि राज्य सरकार द्वारा ट्रेड लाइसेंस को अनिवार्य करने का निर्णय पूरी तरह अनुचित है। व्यापारियों का तर्क है कि वे वर्षों से गुमास्ता लाइसेंस के माध्यम से वैध रूप से अपना व्यापार कर रहे हैं, ऐसे में दूसरा लाइसेंस लेना न केवल अनावश्यक है बल्कि यह दोहरी प्रक्रिया भी है। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि नई ट्रेड लाइसेंस नीति से खासतौर पर छोटे दुकानदारों, ठेला-खोमचा लगाने वालों और असंगठित क्षेत्र के व्यापारियों में भारी मायूसी है। अचानक इस नियम को लागू करने से व्यापारी असमंजस में हैं। तय की गई फीस और जुर्माने का प्रावधान उनके लिए भारी आर्थिक दबाव बन रहा है, जबकि व्यापारी पहले से ही आर्थिक मंदी और ऑनलाइन व्यापार के प्रभाव से जूझ रहे हैं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि ट्रेड लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया जटिल है, जिसमें प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर, अनावश्यक लेन-देन और समय की बर्बादी की आशंका है। इससे व्यापारियों को मानसिक और आर्थिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कैट ने सरकार से इस नीति पर पुनर्विचार करने की मांग करते हुए स्पष्ट किया कि ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त की जाए और व्यापारियों को राहत दी जाए। इस अवसर पर कैट बिलासपुर जिला अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह, कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल, संगठन मंत्री व मीडिया प्रभारी परमजीत उबेजा, मंत्री विष्णु गुप्ता, अरविंद कुमार वर्मा, मुकेश लालचंदानी, राजेश सैनी, कैट महिला टीम अध्यक्ष निहारिका त्रिपाठी, उपाध्यक्ष फिरोज आलिम सहित संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। मनोज राज/योगेश विश्वकर्मा 13 जनवरी 2026