मुंबई,(ईएमएस)। बीजेपी नेता के. अन्नामलाई द्वारा हाल ही में मुंबई को ‘बॉम्बे’ कहे जाने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में विवाद तेज हो गया है। बीएमसी चुनाव की तैयारियों में जुटी पार्टियों ने इस बयान को बड़ा मुद्दा बना लिया। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने अन्नामलाई के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी, वहीं शिवसेना प्रमुख और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी आपत्ति जताते हुए कहा कि मुंबई को उसके आधिकारिक नाम से ही संबोधित किया जाना चाहिए। दरअसल, अन्नामलाई ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा था, “केंद्र में मोदी जी, राज्य में देवेंद्र फडणवीस और बीएमसी में बीजेपी का मेयर… क्योंकि बॉम्बे सिर्फ महाराष्ट्र का शहर नहीं है, यह एक इंटरनेशनल शहर है। इस शहर का बजट 75 हजार करोड़ रुपये है।” इसी दौरान उन्होंने ‘मुंबई’ की जगह ‘बॉम्बे’ शब्द का इस्तेमाल कर दिया, जिसके बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। 1995 में बॉम्बे कानाम बदलकर मुंबई किया गया गौरतलब है कि 4 मार्च 1995 को महाराष्ट्र सरकार ने आधिकारिक रूप से ‘बॉम्बे’ का नाम बदलकर ‘मुंबई’ कर दिया था। यह नाम परिवर्तन शहर के मूल निवासी कोली समुदाय की देवी मंबादेवी के नाम पर किया गया था। इसे महाराष्ट्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने और औपनिवेशिक प्रभाव से बाहर निकलने की दिशा में एक अहम कदम माना गया। हालांकि, नाम बदलने के तीन दशक बाद भी मुंबई में कई ऐसे प्रतिष्ठित संस्थान हैं, जिनकी पहचान आज भी ‘बॉम्बे’ नाम से ही जुड़ी हुई है और इसे लेकर कोई बड़ा विरोध नहीं होता। बॉम्बे हाईकोर्ट और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज बरकरार प्रदेश की सबसे बड़ी न्यायिक संस्था आज भी बॉम्बे हाईकोर्ट के नाम से जानी जाती है। इसके अलावा देश और दुनिया में मशहूर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का नाम भी अब तक नहीं बदला गया है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आईआईटी बॉम्बे आज भी इसी नाम से पहचाना जाता है, हालांकि राज्य सरकार इसके नाम परिवर्तन पर विचार कर रही है। व्यापार और उद्योग जगत में फोर्ट इलाके में स्थित टाटा समूह का ऐतिहासिक मुख्यालय बॉम्बे हाउस आज भी पुराने नाम से जाना जाता है। शिक्षा के क्षेत्र में बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल, स्वास्थ्य सेवाओं में बॉम्बे हॉस्पिटल, सामाजिक और खेल गतिविधियों के लिए बॉम्बे जिमखाना तथा भारतीय सेना की प्रतिष्ठित रेजिमेंट बॉम्बे सैपर्स भी ‘बॉम्बे’ नाम की विरासत को आज तक संजोए हुए हैं। अन्नामलाई के बयान पर उठा विवाद यह सवाल खड़ा करता है कि क्या ‘बॉम्बे’ सिर्फ अतीत का नाम है या आज भी मुंबई की पहचान का एक अहम हिस्सा बना हुआ है। हिदायत/ईएमएस 14 जनवरी 2026