क्षेत्रीय
14-Jan-2026
...


- आज पर्व की डुबकी लगाने भोर से लगेगी होड जबलपुर (ईएमएस)। भगवान सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का महापर्व मकर संक्रांति को लेकर हर बार की तरह इस बार भी लोगों में उत्साह देखा गया। मकर संक्रांति के साथ ही बुधवार को ही सूर्यदेव उत्तरायण हो गए। इस बार पूरे देश में संक्रांति दो दिनों तक है। तारीख वालों ने जहां मकर संक्रांति आज बुधवार को ही मना ली, वहीं तिथि मानने वाले पर्व आज गुरुवार को संक्रां‎त मनाएंगे। नर्मदा तटों में मेले सा माहौल है। पुण्य सलिला नर्मदा के तिलवारा तट पर वैसे तो संक्रांति का पारंपरिक मेला आरंभ हो गया परंतु शहर से लगे होने के कारण गौरीघाट तट पर भी स्नान दान के साथ मेले का आनंद लिया जा रहा है। वैदिक ज्योतिष और पंचांग के मुताबिक मकर संक्रांति बुधवार अपरान्ह बाद से शुरु हो रही है लेकिन पारंपरिक रूप से पर्व बुधवार को ही मनाया गया। चूंकि 14 जनवरी को सालों से मकर संक्रांति मनाई जा रही है। जिसके चलते सुबह से ही नर्मदा तटों पर पहुंच कर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाने का सिलसिला शुरु हुआ। इसके लिए कल शाम से ही आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने ठंड के बावजूद तटों पर डेरा डाल रखा था। इसके चलते स्नान और दान किया जा रहा है। वहीं मठ,मंदिरों और आश्रमों आदि में मकर संक्रांति का पूजन-अर्चन के साथ खिचड़ी आदि का प्रसाद वितरण किया जा रहा है। पर्व पर श्रद्धालुओं की उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर नर्मदा तटों में जिला प्रशासन द्वारा विशेष रुप से इंतजाम किए गए हैं। इसके चलते यातायात व्यवस्थित रखने बैरियर और डायवर्सन आदि लगाए गए हैं। इसके अलावा नगरनिगम और जनपद पंचायतों तथा नगर परिषदों और होमगार्ड के माध्यम से गोताखोर आदि का इंतजाम भी किया गया है। साथ ही घाटों की ओर जाने वाले मार्गों तथा तटों पर पुलिस बल लगा व्यवस्था बनाई गई है। जिला प्रशासन और नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार सहित अन्य अधिकारियों ने अल सुबह तटों का निरीक्षण भी किया था। सुबह 9 बजे तक नर्मदा तटों तक वाहन जाते रहे। उसके बाद जैसे जैसे भीड बढती गई प्रशासन ने बंद करवा दिए। पर्व पर जगह-जगह भोग-भंडारा का क्रम जारी रहा। चूंकि बुधवार को एकादशी रही, इस कारण कई जगह भंडारे वालों ने खिचड़ी से परहेज भी रखा लेकिन कई जगह खिचड़ी भी बंटी। नौकायन पर लगा प्रतिबंध............. जिला प्रशासन ने मकर संक्रांति पर बुधवार 14 और गुरुवार15 जनवरी को ग्वारीघाट, जिलहरीघाट, तिलवाराघाट, लम्हेटाघाट, भेड़ाघाट एवं सरस्वती घाट में नौका संचालन को पूर्णत: प्रतिबन्धित कर रखा है। जारी आदेश में बताया कि मकर संक्रांति पर स्नान और पूजाअर्चना के लिये नर्मदा के घाटों पर बड़ी संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर नौका संचालन पर लगाये प्रतिबंध से केवल नर्मदा तट पर बसे गांवों के निवासियों के परिवहन के लिये नियमित रूप से संचालित की जा रही नौकाओं को छूट दी गई है। सभी घाटों पर रही पुलिस तैनात ............ मकर संक्राति पर्व पर मेला स्थल तिलवारा घाट सहित गौरीघाट व भेडाघाट के अलावा लम्हेटा घाट आदि में अल सुबह से ही पयाप्त पुलिस बल की मौजूदगी बनी रही। नर्मदा तटों के सभी पहुंच मार्ग को ‘जाम मुक्त’रखने के लिए पुलिस-प्रशासन द्वारा कल से ही कबायद की गई थी जिसके फलस्वरूप दोपहर तक श्रद्धालुओं को घाट तट तक पहुंचने में अधिक परेशानी नहीं हुई। उमाघाट एवं तिलवारा में पुलिस और होमगार्ड की टीम नाव से लगातार पेट्रोलिंग करते हुए लोगों को गहरे पानी में जाने के लिए एनाउंस कर रही है। मकर संक्राति पर होने वाले भण्डारों को लेकर भी पुलिस ने आयोजन करने वालों से पूर्व में ही सपंर्क कर उन्हें प्रमुख मार्ग से कुछ हटकर ही भण्डारा प्रसाद का वितरण करने की अपील की थी जिसके कारण भी भीड सडक पर एक जगह जमा नहीं हो सकी। बहरहाल बुधवार के बाद गुरुवार को कहीं दोगुनी भीड पर्व स्नान हेतु सुबह से उमडने की संभावना है और प्रशासन की असली परीक्षा गुरुवार को ही होगी। अजय पाठक / मोनिका / 14 जनवरी 2026