राष्ट्रीय
14-Jan-2026
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याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगाने की चेतावनी दी नई दिल्ली,(ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट ने संसद और दूसरे सरकारी संस्थानों से वी.डी सावरकर की तस्वीरें हटाने की याचिका पर नाराजगी जाहिर की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस तरह की याचिका दायर करने पर जुर्माना लगाने की चेतावनी दी। सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और विपुल पंचोली की बेंच पीआईएल की सुनवाई कर रही थी। याचिका एक रिटायर्ड आईआरएस अधिकारी, बालासुंदरम बालामुरुगन ने दायर की थी। सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा कि जब आप इस तरह की बेवजह याचिका दायर करते हैं, तो हम आपकी मानसिकता देख रहे हैं। हम आप पर जुर्माना लगाएंगे। सीजेआई सूर्यकांत ने कहा याचिकाकर्ता पीआईएल वापस लेना चाहते या जुर्माना भरना चाहते हैं, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने पीआईएल वापस लेने पर सहमति जाहिर की। याचिका में क्या? बता दें कि बालमुरुगन ने अपनी जनहित याचिका में संसद के केंद्रीय कक्ष और अन्य सार्वजनिक स्थानों से सावरकर के चित्रों को हटाने का निर्देश देने का अनुरोध किया था। इसके अलावा याचिका में यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया कि सरकार हत्या या राष्ट्रविरोधी गतिविधियों जैसे जघन्य अपराधों के लिए आरोपित व्यक्तियों को तब तक सम्मानित न करे जब तक कि वे बरी ना हो जाएं। याचिका को न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग बताकर सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या वह मामला आगे बढ़ाना चाहते हैं या वापस लेना चाहते हैं। प्रधान न्यायाधीश ने टिप्पणी की, ‘‘कृपया इन सब झंझटों में ना पड़ें। अब अपनी सेवानिवृत्ति का आनंद लें। समाज में कुछ रचनात्मक भूमिका निभाएं।’’ इसके बाद परिणाम को भांपते हुए बालमुरुगन ने याचिका वापस लेने की इजाजत मांगी, इस को स्वीकार कर लिया गया। आशीष दुबे / 14 जनवरी 2026