राष्ट्रीय
16-Jan-2026
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नई दिल्ली,(ईएमएस)। एलन मस्क की कंपनी ग्रोक विवादों के चलते अपनी पॉलिसी बदलने को मजबूर हो गया है। अब ग्रोक महिलाओं को बिकिनी या किसी भी तरह के सेक्सुअल पोज में दिखाने वाली इमेजेस जेनरेट करने से साफ इनकार कर रहा है। इस बदलाव का असर फिलहाल ज्यादा तौर पर यूके में देखा जा रहा है, जहां सरकार ने प्लेटफॉर्म पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी थी। ग्रोक अब इस तरह की रिक्वेस्ट्स को रिजेक्ट करता है और जवाब में कहता है, सॉरी, मैं इस तरह की इमेज जनरेट नहीं कर सकता। कई मामलों में एआई यह भी बता रहा है कि रियल लोगों या उनसे मिलती-जुलती इमेजेस को इस तरह दिखाना नॉन-कंसेंशुअल मैनिपुलेशन की श्रेणी में आता है। इस बदलाव को यूके अधिकारियों के दबाव से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री ने संसद में कहा था कि अगर ग्रोक को कंट्रोल नहीं किया गया तो प्लेटफॉर्म से सेल्फ-रेगुलेशन का अधिकार छीना जा सकता है। हालांकि, नए नियम पूरी तरह विवाद खत्म नहीं कर पाए हैं। ये रिस्ट्रिक्शन्स केवल महिलाओं से जुड़ी इमेज रिक्वेस्ट्स पर लागू हैं, जबकि पुरुषों या अन्य ऑब्जेक्ट्स को अब भी बिकिनी में दिखाने वाली इमेजेस जेनरेट की जा रही हैं। इससे ऑनलाइन यूजर्स और एक्सपर्ट्स डबल स्टैंडर्ड पर सवाल उठा रहे हैं। पिछले हफ्तों में ग्रोक को लेकर विवाद बढ़ा था। कई यूजर्स ने बिना कंसेंट महिलाओं की डीपफेक-स्टाइल इमेजेस बनाई, जिसमें पब्लिक फिगर्स भी शामिल थे। भारत, मलेशिया और इंडोनेशिया जैसी सरकारों ने नॉन-कंसेंशुअल कंटेंट रोकने और प्लेटफॉर्म को ब्लॉक करने के आदेश दिए हैं। वीरेंद्र/ईएमएस 16 जनवरी 2026