शिमला,(ईएमएस)। हिमाचल सरकार में चल रहे क्षेत्रवाद बनाम अफसरशाही के विवाद पर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अधिकारियों का बचाव किया और कहा कि मंत्रियों और अफसरों के बीच कोई विवाद नहीं है। धरातल पर स्थिति इसके उलट है, जहां मंत्री और अधिकारी आमने-सामने हैं। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब पीडब्ल्यूडी मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यूपी और बिहार के कुछ आला अधिकारी हिमाचल में हिमाचलियत की धज्जियां उड़ा रहे हैं और वे जनसेवक के बजाय शासक बनने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इन अधिकारियों को समय रहते निपटने की चेतावनी भी दी। सरकार में फूट और तीखी बयानबाजी, मंत्रियों में दरार, राजस्व मंत्री जगत नेगी और पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विक्रमादित्य के बयान का विरोध किया। अनिरुद्ध सिंह ने यहां तक कह दिया कि अगर कोई मंत्री काम नहीं करवा पा रहा, तो यह उसकी कार्यशैली की कमी है। प्रदेश के आईएएस और आईपीएस एसोसिएशन ने विक्रमादित्य के बयान की कड़ी निंदा की है। आईपीएस एसोसिएशन ने तो सरकार से मांग की है कि वे विक्रमादित्य सिंह के साथ ड्यूटी नहीं करेंगे। वहीं राजस्व मंत्री ने आईपीएस एसोसिएशन के बयान को गलत बताया है और कहा है कि 19 जनवरी को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस गंभीर मसले पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। अपने विरोधियों को जवाब देते हुए विक्रमादित्य ने पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह पर हमला बोला और एनएचएआई अधिकारियों के साथ हुई मारपीट की याद दिलाई। उन्होंने साफ कहा कि वे टकराव नहीं चाहते, लेकिन प्रदेश के हितों से समझौता भी नहीं करेंगे। सिराज/ईएमएस 16जनवरी26