:: जीडीसी कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी प्रारंभ; कैनवास पर पेंटिंग बनाकर अतिथियों ने किया अनूठा शुभारंभ :: इंदौर (ईएमएस)। शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय (जीडीसी) में उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से समकालीन कला साहित्य, संगीत एवं नृत्य का विज्ञान एवं समाज विज्ञान से अंतर्संबंध विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का शुक्रवार को भव्य आगाज हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरा से हटकर अतिथियों द्वारा कैनवास पर पेंटिंग बनाकर किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य बी.डी. श्रीवास्तव के संरक्षण एवं वी.पी. बैरागी के मार्गदर्शन में आयोजित इस संगोष्ठी का उद्देश्य कला और साहित्य को विज्ञान के आधुनिक दृष्टिकोण से जोड़ना है। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता प्रतीक श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कला की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि कलाकार होने का वास्तविक अर्थ संवेदनशील होना है। उन्होंने आगाह किया कि आज के दौर में कलाकारों को बाजारवाद के प्रभाव से बचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कला ही वह तत्व है जो मनुष्य को मनुष्य बनाती है, कला के बिना मनुष्य पूंछ विहीन पशु के समान है। विशेषज्ञ मीनाक्षी स्वामी ने कला के ऐतिहासिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कला का उद्भव विज्ञान से भी पहले हुआ था और आदिमानव ने गुफाओं को अपना पहला कैनवास बनाया था। :: बृजवीणा के सुरों और लाइव पेंटिंग ने बांधा समां :: संगोष्ठी का मुख्य आकर्षण देवाशीष चक्रवर्ती का सितार वादन रहा। उन्होंने अपने नवीन आविष्कार ‘बृजवीणा’ का वादन कर सदन को भावविभोर कर दिया। उनके साथ देवादित्य चक्रवर्ती और तबले पर मृणाल नगर ने संगत दी। इसी क्रम में ओरांव जनजाति की अग्नेश केरकट्टा ने कैनवास पर लाइव पेंटिंग बनाकर जनजातीय कला की जीवंतता को प्रदर्शित किया। ऑनलाइन माध्यम से जुड़ीं भावना ग्रोवर ने कथक नृत्य का गणित और मनोविज्ञान से संबंध समझाते हुए गणेश वंदना की प्रस्तुति दी। संगोष्ठी की संयोजक कुमकुम भारद्वाज और सुधीर कुमार छारी ने विषय प्रवेश कराते हुए शोध की प्रासंगिकता पर विचार रखे। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में विभिन्न विद्वानों और शोधार्थियों द्वारा शोध पत्रों का वाचन किया गया। इस अवसर पर दीपक सालवी, कनुप्रिया, देवेंद्र कमरे और निधि गुप्ता सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद, प्राध्यापक एवं छात्राएं उपस्थित रहीं। अंत में आभार निधि गुप्ता ने व्यक्त किया। प्रकाश/16 जनवरी 2026