क्षेत्रीय
16-Jan-2026


जनप्रतिनिधि जनता के बीच जाए और व्यवहारिक योजनाओं पर बातचीत करके ही आगे की डीपीआर बनाई जाए.... उज्जैन (ईएमएस) | (रामचंद्र गिरी) सिहस्थ 2028 की तैयारी के लिए शासन प्रशासन योजनाएं जरूर बनाएं लेकिन जनप्रतिनिधि आम जनता के बीच जाकर पहले व्यवहारिक जानकारी जुटाए और क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों से बातचीत करके योजनाओं को हमली जामा पहनाये तो असंतोष काफी कुछ हद तक काम हो सकता हैl लेकिन जनप्रतिनिधि कमीशन के चक्कर में तोड़फोड़ करके निर्माण किया जाएगा उतना अधिक कमिशन उनकी जेब में जाएगाl विपक्षी दल भी मौन है ताकि जगह-जगह असंतोष की स्थिति बने और उसका लाभ ले सके, वरना तो इस प्राचीन शहर के बासिंदो की तासीर ऐसी है कि अच्छे-अच्छे नेताओं के बोरिया बिस्तर बांध दिए हैंl नेता अपनी जिम्मेदारी भूल रहे हैं और अधिकारी मनमानी योजनाओं को लाकर दहशतगर्दी फैला रहे हैं lआज शहर का कोई ऐसा कोई कोना नहीं है जहां तोड़फोड़ की चेतावनी नगर निगम ने नहीं दी हो? आखिर हो क्या रहा है..?सिंहस्थ आ रहा है या फिर सिंहस्थ के नाम से योजना बनाना तथा दहशतगर्दी के बाद दलालों के माध्यम से वसूली करना प्रॉपर्टी आधे पुणे दामों पर खरीदना तथा योजना निरस्त कर देना नियति बन गया है...?किसान आंदोलन अभी थमा ही है की शहर में कहीं 200 मी तो कहीं 500 मी मैं तोड़फोड़ करने की सुरसुरी किसके इशारे पर की जा रही हैl क्या इन सब में विधायक महापौर मुख्यमंत्री आदि की भी सहमति है! इस शहर की अस्मिता को संस्कृति को शहर वासियों और उनके पुरखों ने सहेज कर रखा है अब उन्हें दरबदर करने की योजना के पीछे कौन है? कभी मौखिक तौर पर महाकाल से 500 मीटर के दायरे में निर्माण रोकना और अब शिप्रा नदी के रामघाट से 200 मीटर पीछे तक के आबादी वाले निर्माण तोड़ने की बात की जा रही है और नगर निगम का दल क्षेत्र में जानकारी जुटाने में लगा हैl, टाटा की ड्रेनेज लाइन के बिखरे काम पूरे नहीं हुए ,गोपाल मंदिर का परिसर तोड़ दिया है lनिजतपुरा- नई सड़क का काम बिखरा हुआ है l 2 साल बाद भी केडी गेट से लालबाई फूलबाई का काम पूरा नहीं हो पाया है lमहाकाल वन प्रोजेक्ट भाग 2 के काम अत्यंत मंद गति से चल रहे हैं lसिंहस्थ मेला एरिया में सड़क निर्माण लेट बाथ लाइट आदि के मूलभूत कार्यों की शुरुआत नहीं हुई है, फिर शहर में जगह-जगह तोड़फोड़ और सर्वे के नाम पर शहर वासियों का सुखचैन क्यों छीना जा रहा है? ईएमएस / 16 जनवरी 2026