नई दिल्ली,(ईएमएस)। आज मोबाइल हमारी जरुरत बन गया है। बिना मोबाइल के आज काम अधरे से लगते हैं क्या आपको पता है कि एक मोबाइल रखने से ही अगर आपको ज्यादा खर्चा होता है तो जरा सोचिए जिनके पास 2-2 मोबाइल हैं, उनकी क्या हालत होती होगी। बता दें दिल्ली शहर में हर आदमी के पास औसतन दो मोबाइल फोन हैं। इतना ही नहीं, यहां लोग लैंडलाइन फोन का भी जमकर इस्तेमाल करते हैं। दिल्ली सरकार के अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग ने आंकड़े जारी कर बताया है कि दिल्ली में लैंडलाइन समेत कुल टेलीफोन कनेक्शन 6 करोड़ से ज्यादा हैं। इसका मतलब है कि राजधानी का प्रत्येक निवासी औसतन दो मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा है। इस रिपोर्ट में सरकार ने बताया कि साल 2025 में वायरलेस टेलीफोन कनेक्शन की संख्या करीब 5.61 करोड़ रही, जबकि वायरलाइन सेवाएं 47.1 लाख दर्ज की गईं। आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले आठ सालों में दिल्ली में टेलीफोन कनेक्शन की कुल संख्या काफी हद तक स्थिर रही है। ग्राहकों की कुल संख्या साल 2018 में 5.74 करोड़ थी, जो साल 2019 में घटकर 5.53 करोड़ रह गई और फिर साल 2020 में बढ़कर 5.66 करोड़ हो गई। यह संख्या साल 2021 में करीब 5.79 करोड़ तक पहुंच गई लेकिन साल 2022 में गिरकर करीब 5.62 करोड़ रही और फिर तेज बढ़त के साथ साल 2023 में 5.85 करोड़ हो गई। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि साल 2024 में ग्राहकों की संख्या 6.11 करोड़ के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद साल 2025 में मामूली गिरावट के साथ करीब 6.08 करोड़ रही। कुल रुझान स्थिर रहने के विपरीत राजधानी में लैंडलाइन टेलीफोन कनेक्शन में निरंतर और तेज वृद्धि दर्ज की गई है। आंकड़े बताते हैं कि लैंडलाइन ग्राहकों की संख्या साल 2018 में करीब 31.9 लाख थी, जो 2019 में 32.6 लाख और 2020 में 32.7 लाख हो गई। इसके बाद इसमें तेजी आई और 2021 में यह संख्या करीब 33.9 लाख, 2022 में 39.2 लाख से अधिक और साल 2023 में 40.6 लाख को पार कर गई। लैंडलाइन ग्राहकों की संख्या में बढ़ोतरी का यह सिलसिला साल 2024 में भी जारी रहा और करीब 44.3 लाख तक पहुंच गई, जो साल 2025 में और बढ़कर 47.1 लाख से अधिक हो गई है। इसके उलट इसी अवधि में मोबाइल फोन कनेक्शन में उतार-चढ़ाव और धीमी वृद्धि देखी गई। आंकड़े बताते हैं कि मोबाइल फोन ग्राहक साल 2018 में करीब 5.42 करोड़ थे, जो साल 2019 में घटकर करीब 5.21 करोड़ रह गए। इसके बाद साल 2020 में यह संख्या सुधरकर करीब 5.34 करोड़ हुई और साल 2021 में बढ़कर करीब 5.45 करोड़ हो गई, लेकिन साल 2022 में फिर से गिरकर लगभग 5.22 करोड़ रह गई। मोबाइल फोन कनेक्शन साल 2023 में बढ़कर करीब 5.44 करोड़ हुए और साल 2024 में लगभग 5.67 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, साल 2025 में यह थोड़ा गिरकर करीब 5.61 करोड़ पर आ गया है। हालांकि, देश के अन्य शहरों के मुकाबले दिल्ली में मोबाइल फोन की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है, लेकिन लैंडलाइन सेवाओं का निरंतर विस्तार राजधानी के दूरसंचार परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है। सिराज/ईएमएस 17 जनवरी 2026