अंतर्राष्ट्रीय
17-Jan-2026
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विपक्ष की नेता मचाडो ने वेनेजुएला से भागने का भयानक मंजर किया बयां वॉशिंगटन,(ईएमएस)। वेनेजुएला में विपक्ष की नेता मारिया कोरिना मचाडो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना नोबेल शांति पुरस्कार सौंपने के बाद चर्चा में आ गई हैं। मचाडो ने समुद्र के रास्ते अपने देश से भागने के दर्दनाक अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि मादुरो सरकार के बढ़ते दबाव के बीच इस खतरनाक यात्रा में उन्हें अपनी जान जाने का डर था, जिसके बाद वह अमेरिका पहुंचीं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मचाडो ने वॉशिंगटन में पत्रकारों को बताया कि यात्रा के दौरान नाव में एक पल ऐसा आया, जब उन्हें चोट लगी क्योंकि लहरें छह फीट से भी ज्यादा ऊंची थीं। तेज हवाओं ने जहाज को हिला दिया और जरूरी नेविगेशन सिस्टम फेल हो गए। वह समुद्र में भटक गए। जीपीएस का सिग्नल चल गया। सैटेलाइट फोन ने काम करना बंद कर दिया और स्टारलिंक एंटीना भी ठीक से काम नहीं कर रहा था, सब एक ही समय में हुआ। मचाडो ने कहा कि स्थिति बहुत खतरनाक और डरावनी थी और यह कई घंटों तक चला, लेकिन आखिर में, वह आगे बढ़ गए। उन्होंने कहा कि इसमें शामिल लोगों की सुरक्षा के लिए वह तब तक इंतजार करेंगी जब तक सरकार की उन्हें नुकसान पहुंचाने की क्षमता कम नहीं हो जाती। मचाडो ने कहा कि उन्हें लगता है कि उनका बचना कोई इत्तेफाक नहीं था। यह एक चमत्कार है। वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई को मचाडो ने व्यक्तिगत दुश्मनी के बजाय आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि यह ड्रग कार्टेल और न्याय के बारे में है। यह एक क्रिमिनल स्ट्रक्चर के बारे में है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन लाखों वेनेजुएलावासियों का प्रतिनिधित्व करता है। मैं लाखों वेनेजुएलावासियों के एक बड़े आंदोलन की सिर्फ एक सदस्य हूं जिसने आजाद होने का फैसला किया है और हम इसके लिए प्रतिबद्ध हैं। मचाडो ने अमेरिका के समर्थन पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि मुझे कोई शक नहीं है कि राष्ट्रपति ट्रंप, उनकी सरकार और अमेरिका के लोग लोकतंत्र, न्याय, आजादी और वेनेजुएला के लोगों के मैंडेट का समर्थन करते हैं। वेनेजुएला में फिर से लोकतंत्र स्थापित करने को लेकर मचाडो ने कहा कि अगर संविधान का सम्मान किया जाता, तो हमारे पास एक हजार राजनीतिक कैदी नहीं होते। इस बदलाव में कई चरण शामिल हैं, जिसकी शुरुआत ज़ुल्म को खत्म करने से होती है। सभी टॉर्चर सेंटर बंद करने होंगे। मचाडो ने कहा कि सरकार ने माइग्रेशन को हथियार बना लिया है। उन्होंने तर्क दिया कि माइग्रेशन को रोकने के लिए लोकतांत्रिक बदलाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर लोगों को आजादी और सुरक्षा की उम्मीद हो, तो वे समाधान का हिस्सा बनने के लिए वापस लौटने को तैयार हैं। सिराज/ईएमएस 17जनवरी26