इंदौर के भागीरथपुरा में पीडि़त परिवारों से मिलकर राहुल ने दी एक-एक लाख रुपये की मदद, बोले भोपाल (ईएमएस)। भागीरथपुरा दूषित जल कांड से प्रभावित लोगों और मृतकों के स्वजन से मिलने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी इंदौर पहुंचे। अस्पताल में भर्ती मरीजों से मिलने के बाद वे भागीरथपुरा में पीडि़तों परिजनों से मिले। यहां उन्होंने एक-एक लाख रुपये का चेक देकर आर्थिक सहायता भी दी। राहुल गांधी ने कहा कि इस लापरवाही का कोई तो जिम्मेदार होगा। आज भी यहां पर साफ पानी नहीं मिल रहा है। गंदा पानी पीने से लोगों की जान गई है। सरकार को इनकी मदद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कहा जाता था कि देश को स्मार्ट सिटी दिए जाएंगे। ये कैसी स्मार्ट सिटी हैं, इसमें पीने का पानी नहीं है। लोगों को डराया जा रहा है। इंदौर में साफ पानी नहीं मिल सकता है, पानी पीकर लोग मर गए। ये है अर्बन मॉडल। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसा सिर्फ इंदौर में नहीं है, अलग-अलग शहरों में ऐसे हालात हैं। राहुल गांधी ने कहा कि सरकारी जिम्मेदारी है साफ पानी, कम प्रदूषण। यह सब जिम्मेदारी सरकार नहीं निभा रही है। यहां पर जिन लोगों ने यह करवाया है, सरकार में कोई तो जिम्मेदार होगा। इस की जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए। सरकार की लापरवाही से यह हुआ है, इसलिए पीडि़तों ने जो इलाज करवाया है, उसमें इन्हें आर्थिक मदद मिलना चाहिए। इसके बाद राहुल गांधी ने टंकी की तरफ इशारा कर कहा कि ये जो टंकी है ये सिंबल है, आज भी यहां पर साफ पानी नहीं है। बैंडेज लगा दिया है, जो कुछ दिनों के लिए चलेगा। जो मीडिया का ध्यान है, देश का ध्यान है, इसलिए यहां काम चल रहा है। मगर जैसे ही ध्यान हटेगा यहां से वापस वहीं हालत हो जाएगी। वहीं पानी। इसके बाद राहुल ने पीड़?ितों की तरफ इशारा करते हुए कहा कि ये चाहते हैं कि अच्छे से यह काम किया जाए और इन्हें साफ पानी दिया जाए। जो सरकार की जिम्मेदारी है सरकार उसे पूरा करे। इनकी मदद करने मैं यहां आया हूं। मैं पीडि़तों की मदद करने आया हूं राहुल गांधी ने मीडिया के सवालों पर कहा कि यहां पर मैं विपक्ष के नेता के तौर पर यहां आया हूं। यह राजनीति नहीं है। यहां पर लोगों की मृत्यु हुई है। मैं इनका मुद्दा उठाने आया हूं, इनकी मदद करने आया हूं। इसमें कोई गलत काम नहीं है। मेरी जिम्मेदारी बनती है कि हमारे देश में लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा है, तो मैं उनकी मदद करने आया हूं, उनके साथ खड़ा हूं। आप इसे जो भी कहना चाहते हैं, कह दीजिए, राजनीति कहना चाहते हैं कह दीजिए। मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता है। मैं इनके साथ यहां खड़ा हुआ हूं और इन्हें साफ पानी दिलवाऊंगा। अस्पताल में भर्ती मरीजों से मिले सबसे पहले वे बॉम्बे अस्पताल में भर्ती लोगों से मिले। उनके साथ दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार और कमल नाथ भी मौजूद रहे। भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से करीब 15 मिनट बात करने के बाद वे भागीरथपुरा बस्ती के लिए रवाना हो गए। राहुल गांधी भागीरथपुरा में सबसे पहले मृतक गीता बाई के घर में उनके परिजनों से मिलने पहुंचे। इसके बाद वे जीवन माली के पहुंचे। इस दौरान उन्होंने एक-एक लाख रुपये के चेक भी दिए। इसके बाद वे गार्डन में करीब 25 पीडि़त परिवारों के परिजनों से मिलने पहुंचे। यहां भी उन्होंने लोगों को चेक दिए। इस दौरान एक बच्चे को गोद में उठाकर उसे खिलाया। दूषित पानी पीने से जीवन जी का निधन हो गया था, राहुल गांधी उनके घर पहुंचकर उनकी भाभी कमला बाई से मिले। राहुल ने उनसे पूछा कैंसी हैं आप। इसके बाद उन्होंने जीवन जी के परिवार को एक लाख रुपये का चेक भी दिया। विनोद/ 17 जनवरी /2026