मथुरा (ईएमएस)। वृंदावन में ठाकुर बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। उच्चतम न्यायालय द्वारा गठित उच्च स्तरीय कमेटी के प्रयासों से मंदिर के आसपास के विकास कार्यों के लिए पहली रजिस्ट्री भगवान बांके बिहारी जी के नाम कर दी गई है। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि कॉरिडोर निर्माण के लिए जिन लोगों की जमीन या दुकानें ली जा रही हैं, उन्हें बाजार दर से भी बेहतर और ‘उम्मीद से कहीं अधिक’ मुआवजा दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, कॉरिडोर निर्माण की दिशा में पहला कदम उठाते हुए श्रीमती यति गोस्वामी, अनिकेत गोस्वामी और अभिषेक गोस्वामी ने अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री भगवान के पक्ष में की है। प्रशासन ने इसे एक श्ऐतिहासिक कदमश् बताते हुए उम्मीद जताई है कि अब कॉरिडोर का काम जल्द गति पकड़ेगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य रोजाना आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भीड़भाड़ और असुविधा से निजात दिलाना है। संपत्ति अधिग्रहण को लेकर स्थानीय लोगों के मन में चल रही आशंकाओं को दूर करते हुए आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जिनकी भी निजी संपत्ति या दुकानें इस विकास कार्य के दायरे में आ रही हैं, उन्हें पर्याप्त वित्तीय मुआवजा दिया जा रहा है। कॉरिडोर बनने के बाद प्रयास रहेगा कि प्रभावित दुकानदारों को उसी परिसर में नई दुकानें आवंटित की जाएं। जिन लोगों के घर जा रहे हैं, उन्हें रुक्मिणी विहार और सुनरख बांगर में रियायती दरों पर फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे। जिलाधिकारी सिपी सिंह ने कहा कि लोगों के मन में डर था कि उन्हें सही दाम मिलेगा या नहीं, लेकिन जो दरें तय की गई हैं, वे लोगों की सोच से कहीं ज्यादा हैं। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसी भी प्रभावित व्यक्ति का अहित न हो। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और प्रभावितों से अपील की है कि वे इस पवित्र कार्य में सहयोग दें। अधिकारियों का कहना है कि जितनी जल्दी जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी होगी, उतनी ही जल्दी कॉरिडोर का निर्माण शुरू हो सकेगा। हाई-पावर्ड मैनेजमेंट कमेटी और जिला प्रशासन लगातार प्रभावितों के संपर्क में है ताकि किसी को भी असुविधा न हो। जितेन्द्र 17 जनवरी 2026