17-Jan-2026
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- जब जादू को चमत्कार मान लिया जाता है, तब लोग ठगे जाने की स्थिति में आ जाते हैं रायपुर (ईएमएस)। प्रसिद्ध जादूगर ओपी शर्मा (जूनियर) ने शनिवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि जादू पूरी तरह से मनोरंजन की कला है, इसे कभी भी दैविक शक्ति, सिद्धि या चमत्कार के रूप में नहीं देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब जादू को चमत्कार मान लिया जाता है, तब लोग ठगे जाने की स्थिति में आ जाते हैं। उनके सभी शो का मुख्य उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन के साथ-साथ समाज में फैले अंधविश्वास को दूर करना है। ओपी शर्मा ने बताया कि अंधविश्वास ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक देखने को मिलता है। इसे खत्म करने के लिए जादू को शिक्षा से जोड़े जाने की आवश्यकता है। उन्होंने मीडिया और शासन-प्रशासन से आग्रह किया कि प्राथमिक स्तर से लेकर डिप्लोमा कोर्स तक जादू को एक शैक्षणिक विषय के रूप में शामिल किया जाए। उन्होंने बताया कि केरल में इसकी शुरुआत हो चुकी है। इस बार अपने शो में वे “ड्रिल ऑफ डेथ” नामक विशेष प्रस्तुति लेकर आए हैं, जो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर आधारित है और शहीदों को श्रद्धांजलि स्वरूप समर्पित है। इसके अलावा बच्चों के लिए “तिलस्मी चेहरा” जैसे आकर्षक खेल भी शामिल हैं। ओपी शर्मा ने बताया कि वे तीन वर्ष की उम्र से जादू सीख रहे हैं और अब तक 42 हजार से अधिक कमर्शियल शो कर चुके हैं। उनका मानना है कि जादू कला विज्ञान और तकनीक पर आधारित है, जिसमें आधुनिक टेक्नोलॉजी का लगातार उपयोग हो रहा है। प्रेस क्लब के रुबरु कार्यक्रम में शामिल ओपी शर्मा का प्रेस क्लब पदाधिकारियों ने स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। सत्यप्रकाश/चंद्राकर/17 जनवरी 2026