- शोहदे से तंग नाबालिग छात्रा ने की आत्महत्या जबलपुर (ईएमएस)। जब रक्षक ही अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लें, तो भक्षकों के हौसले बुलंद होना तय है। बरेला थाना क्षेत्र से सामने आया एक दर्दनाक मामला इसी कड़वी सच्चाई को उजागर करता है। गाड़रखेड़ा निवासी एक शोहदे की लगातार प्रताड़ना और जबरन शादी के दबाव से टूटकर पीएम कन्या श्री स्कूल में पढ़ने वाली 9वीं कक्षा की नाबालिग छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस हृदयविदारक घटना ने न सिर्फ एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि पूरे इलाके को स्तब्ध और आक्रोशित कर दिया है। मृतिका के परिजनों ने रोते-बिलखते हुए बताया कि आरोपी प्रिंस पटेल पिछले कई महीनों से उनकी बेटी का लगातार पीछा कर रहा था। स्कूल आते-जाते समय छेड़छाड़ करना, रास्ता रोकना और शादी के लिए दबाव बनाना उसकी रोजमर्रा की आदत बन चुकी थी। मासूम छात्रा इस मानसिक प्रताड़ना से इस कदर भयभीत हो चुकी थी कि उसने घर से बाहर निकलना तक कम कर दिया था। परिजनों का कहना है कि बेटी भीतर ही भीतर घुट रही थी, लेकिन समाज और भय के कारण खुलकर कुछ कह नहीं पा रही थी। पुलिस को दी थी सूचना…….. परिजनों का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में पहले भी बरेला पुलिस को मौखिक रूप से जानकारी दी थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस ने आरोपी के खिलाफ ठोस कदम उठाए होते, तो शायद आज उनकी बेटी जिंदा होती। पुलिस की कथित उदासीनता ने आरोपी के हौसले और बढ़ा दिए, जिसका नतीजा यह भयावह कदम बना। फूटा लोगों का गुस्सा … घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने बरेला थाने का घेराव कर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह सिर्फ आत्महत्या नहीं, बल्कि व्यवस्था की विफलता से हुई मौत है। थाने के बाहर मृत छात्रा के परिजनों का विलाप देखकर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और दोषी पर सख्त कार्रवाई और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी कदम उठाने की मांग की। स्थिति बिगड़ते देख वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाइश दी। पुलिस अधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करने और जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। इसके बाद कहीं जाकर स्थिति पर काबू पाया जा सका, हालांकि ग्रामीणों का आक्रोश पूरी तरह शांत नहीं हुआ। सुनील साहू / शहबाज / 17 जनवरी 2026