खेल
18-Jan-2026
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- गंभीर बीमारी से जूझ रहे पूर्व खिलाड़ी नई दिल्ली (ईएमएस)। विश्व क्रिकेट में अफगानिस्तान ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी एक मजबूत और जुझारू टीम के रूप में पहचान बनाई है। बड़े मंचों पर उलटफेर कर दुनिया को चौंकाने वाली इस टीम के पीछे पूर्व खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और संघर्ष की लंबी कहानी छिपी है। इन्हीं खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से वह नींव रखी, जिस पर आज राशिद खान, मोहम्मद नबी और रहमानउल्ला गुरबाज जैसे सितारे चमक रहे हैं। लेकिन अफगान क्रिकेट के इसी सफर के एक अहम किरदार, शफूर जादरान, इस वक्त जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहे हैं। अफगानिस्तान के लिए 80 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले शफूर जादरान की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। उनके भाई ने सोशल मीडिया के जरिए उनके बीमार होने की जानकारी साझा की, जिसके बाद क्रिकेट जगत में चिंता की लहर दौड़ गई। अफगान क्रिकेट से जुड़े करीबी सूत्रों के मुताबिक शफूर के व्हाइट ब्लड सेल्स का स्तर खतरनाक हद तक पहुंच गया है, जिसके चलते उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। फिलहाल उनका इलाज जारी है और डॉक्टरों की टीम उनकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है। शफूर जादरान के बीमार होने की खबर सामने आते ही कई पूर्व और मौजूदा क्रिकेटरों ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश लिखते हुए कहा कि शफूर हमेशा मैदान पर शेर की तरह खेले और अब उन्हें सभी की दुआओं की जरूरत है। अफगानिस्तान क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने भी उनके लिए दुआएं मांगी हैं। अफगान क्रिकेट बोर्ड की ओर से भी शफूर की हालत पर चिंता जताई गई है और उनके परिवार के प्रति संवेदना और समर्थन व्यक्त किया गया है। शफूर जादरान के क्रिकेट करियर की बात करें तो उन्होंने साल 2009 में नीदरलैंड्स के खिलाफ अफगानिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट नहीं खेला, लेकिन वनडे और टी20 फॉर्मेट में टीम के लिए अहम योगदान दिया। शफूर ने अफगानिस्तान के लिए 44 वनडे और 36 टी20 मुकाबले खेले। वनडे क्रिकेट में उन्होंने 44 विकेट झटके, जिसमें 24 रन देकर 4 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। वहीं टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 27 विकेट हासिल किए और इस फॉर्मेट में 40 रन देकर 3 विकेट उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा। शफूर जादरान उन खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों और मुश्किल हालातों के बावजूद अफगान क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। आज जब वह अपने जीवन की सबसे कठिन लड़ाई लड़ रहे हैं, तो पूरा क्रिकेट जगत उनके जल्द स्वस्थ होने की दुआ कर रहा है। डेविड/ईएमएस 18 जनवरी 2026